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निरीक्षण का ऐसा खौफ- छुट्टी चली गईं टीचर्स, बच्चे बोले- मैम हमसे डाई और मालिश करवाती हैं...

6 वर्ष पहले
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लाख रु. करीब सालाना सैलरी बिल है स्कूल का

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सारे शिक्षक छुट्‌टी पर। बच्चों से डाई करवाने, मटर छिलवाने की बात चौंकाने वाली है। सारे बच्चे एक ही कक्षा में बैठे मिले। ऐसी लापरवाही का ही नतीजा है कि 8वीं कक्षा के बच्चों को अंग्रेजी में खुद का और स्कूल का नाम तक लिखना नहीं आता।

महेंद्रप्रताप सिंह, प्रोटोकॉलअधिकारी (निरीक्षण के बाद) टीचर्सबालों में डाई और मेहंदी लगवाती हैं। घर से मटर वगैरह लेकर आती हैं, जो हमें ही छीलने के लिए दे देती हैं। पैरों में मालिश भी करवाती हैं।

nजबएचएम सर नहीं होते तो स्कूल दोपहर 1 से 2 बजे के बीच ही बंद कर दिया जाता है। प्रार्थना सभा सप्ताह में एक-दो बार ही कराई जाती है।

nिमड-डेमील के बड़े बर्तन भी हमसे ही धुलवाए जाते हैं। स्कूल की साफ-सफाई भी आमतौर पर हम ही करते हैं। पढ़ने का तो टाइम ही नहीं मिलता।

1 स्कूल के हैड मास्टर घनश्यामनवल चुनावड्यूटी में प्रतिनियुक्त हैं।

2 नवल ने अपना चार्ज टीचर वंदनाजैन कोदिया, लेकिन वे बुधवार से दो दिन की मेडिकल छुट्टी पर चली गई।

3 वंदना ने लेटर में यह चार्ज राजकुमारीकोदिया, लेकिन राजकुमारी भी छुट्टी पर चली गई।

4 राजकुमारी ने एचएम के चार्ज का ऑर्डर संगीताराठौड़ केनाम लिखा। संगीता भी छुट्टी पर चली गई।

5 पीछे महज एक शारीरिक शिक्षक शैतानसिंहहीबचे, जिनके पास सबका चार्ज था।

एजुकेशन रिपोर्टर | जोधपुर

घोड़ोंका चौक स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटा बास नंबर एक में बुधवार को संबलन अभियान के तहत निरीक्षण था। हैड मास्टर चुनावी ड्यूटी पर थे। पीछे शिक्षकों में एेसा डर था कि हैड मास्टर का चार्ज आगे से आगे थमा कर सारे छुट्टी पर चले गए। निरीक्षण पर प्रोटोकॉल अधिकारी महेंद्रप्रताप सिंह को केवल पीटीआई ही उपस्थित मिला। बच्चों से पढ़ाई के बारे में पूछा तो बोले- सर, मैडम हमसे अपने बालों में डाई और हाथ-पैरों में मेहंदी लगवाती हैं... कभी-कभी घर से मटर भी ले आती हैं, जो हमें छिलने के लिए देकर खुद आराम फरमाती हैं। स्कूल में पढ़ने का तो टाइम ही नहीं मिलता। शेष| पेज 10

अटक-अटककर पढ़ रहे थे, लिखने में भी गलतियां

उपनिदेशक माध्यमिक गजरा चौधरी ने आदर्श रामावि चिचड़ली में जांच की। यहां पर 8वीं के बच्चे अंग्रेजी शब्द बता पा रहे थे। हालांकि उन्हें छठी-सातवीं कक्षा के बच्चों का स्तर न्यून लगा। बच्चे अटक-अटक कर किताबें पढ़ रहे थे। इधर, एडीईओ (विधि) अशोक विश्नोई ओसियां ब्लॉक की राउप्रावि मीरा की निंबड़ी स्कूल गए, जहां पर बच्चे सही तरीके से लिख-पढ़ नहीं पा रहे थे। कुछ ऐसा ही नजारा एडीईओ कैलाशदास स्वामी ने राप्रावि मूरलाई नाडी भंवरलाल सुथार ने राउप्रावि मेघाणियों की ढाणी बेदू कलां में देखा। निरीक्षण में एसएमसी सदस्यों की बैठक भी हुई, जिसमें सदस्यों ने टीचर लगाने स्कूल को क्रमोन्नत करने की मांगें रखी।