वकीलों को हड़ताल से बचना चाहिए: दवे
युवा अधिवक्ताओं के लिए सेमिनार जरूरी
उन्होंनेनए युवा अधिवक्ताओं के मानसिक विकास के लिए समय-समय पर सेमिनार आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें बड़ा फंड बनाकर जूनियर अधिवक्ता जरूरतमंद अधिवक्ता की मदद के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि एसोसिएशन के अध्यक्ष बनते ही उन्होंने 50 लाख रुपए एसोसिएशन को दिए हैं। इस अवसर पर सरकार के महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी, अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉ. पीएस भाटी, राजेश पंवार, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दलीपसिंह राजवी, डॉ. सचिन आचार्य सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
लीगल रिपोर्टर. जोधपुर | सुप्रीमकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने कहा कि अधिवक्ता के अपने मुवक्किल के प्रति दायित्व होते हैं। इसलिए उसे कभी भी हड़ताल नहीं करनी चाहिए। उन्हें दमदार पैरवी और नैतिक मनोबल से न्यायपालिका पर प्रभाव छोड़ना चाहिए
दवे सोमवार को राजस्थान लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से बार काउंसिल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हड़ताल अंतिम विकल्प होता है। इसे कभी भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एक अधिवक्ता के मुवक्किल के साथ-साथ आमजन, देश और संविधान के प्रति दायित्व होते हैं।