पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सर्पदंश के इंजेक्शन बाजार में बेचने वाले आरोपी रिमांड पर

सर्पदंश के इंजेक्शन बाजार में बेचने वाले आरोपी रिमांड पर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जोधपुर. मथुरादासमाथुर अस्पताल से सरकारी सप्लाई के मरीजों को मुफ्त मिलने वाले एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन निजी मेडिकल स्टोर पर बेचने के तीनों आरोपियों एमडीएमएच के फिमेल मेडिकल वार्ड में संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मी राजेश राव बीपीएल काउंटर पर तैनात फार्मासिस्ट संजय सिंह के साथ प्रेम मेडिकल एंड जनरल स्टोर के सेल्समैन कुलदीप कच्छवाहा को शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से तीनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
वहीं एमडीएमएच अधीक्षक डॉ. दीपक वर्मा की ओर से गठित पांच सदस्यों की जांच कमेटी ने वार्ड में इंजेक्शन पकड़ने वाले रेजिडेंट्स और मरीज के परिजन के बयान लिए। कमेटी अपनी रिपोर्ट जल्द ही अस्पताल प्रबंधन को सौंपेगी जो राज्य सरकार को भेजी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फलौदी से एएसवी मंगा लिए हैं।

बीपीएल काउंटर पर नहीं थे इस बैच के एएसवी

ड्रग कंट्रोलर भरत गोस्वामी के निर्देश पर तीन ड्रग इंस्पेक्टरों हंसराज मंडा, चैतन्य पंवार और लतीशा आचवाणी ने मंगलवार को अस्पताल के उन सभी डीडीसी बीपीएल काउंटरों की जांच की, जिन पर इस बैच का एएसवी उपलब्ध था। इसमें उन्होंने मरीजों को इश्यू हुए इंजेक्शनों का रिकॉर्ड भी खंगाला। इसमें सामने आया कि जिस बीपीएल काउंटर का फार्मासिस्ट संजय सिंह पकड़ा गया है, उस काउंटर पर इस बैच का एएसवी सप्लाई ही नहीं हुआ था।

लाइसेंस को किराए पर देने की प्रथा को रोकने की मांग| फार्मासिस्टजाग्रति संस्थान जिला महासचिव सुरेंद्र चौधरी ने औषधि नियंत्रण संगठन से किराए पर लाइसेंस लेकर दुकान चलाने वाले सभी फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वार्डों में रहेगा महंगे इंजेक्शन लगने का रिकॉर्ड

एक ही मरीज को सर्पदंश के 380 इंजेक्शन लगाए जाने और एएसवी वार्ड से निजी मेडिकल स्टोर में बिकने के लिए पहुंचने के बाद एमडीएमएच अधीक्षक डॉ. दीपक वर्मा ने आईवी फ्लुइड, आईवी सेट सहित सभी सस्ते इंजेक्शन, जिनको कोल्ड स्टोरेज में रखने की आवश्यकता नहीं होती है, वार्ड में रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महंगे इंजेक्शन लगने का रिकॉर्ड भी वार्ड में रखा जाएगा। हालांकि अधीक्षक डॉ. वर्मा ने कहा कि महंगे इंजेक्शनों और दवाइयों को वार्ड में नहीं रखा जाएगा।