चिंताजनक हैं बेटियों की घटती संख्या
0 से 6 वर्ष के शिशुओं के लिंगानुपात (वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार)
जोधाणी टेपू 187 113 74 655
शेखासर 241 142 99 697
सूरपुरा 174 100 74 740
चंपासर 495 273 222 813
रानेरी 136 75 61 813
घटोर 289 158 131 829
मोटाई 247 135 112 830
ननेऊ 337 184 153 832
नोखरा भाटियान 182 99 83 838
कानासर 539 293 246 840
जैसला 1336 722 614 850
नूरे की भुर्ज 341 184 157 853
बारू 773 417 356 854
रोहिना 833 448 385 859
कानसिंह की सिड 694 371 323 871
बूंगड़ी 1078 574 504 878
केलनसर 566 300 266 887
चाखू 136 72 64 889
घंटियाली 898 475 423 891
मलार 106 56 50 891
लूणा 386 203 183 901
बावड़ी कलां 546 286 260 909
जाम्बा 340 178 162 910
चिमाना 870 452 418 925
जोड़ 211 108 103 954
बड़ी सिड 286 146 140 959
टेकरा 498 254 244 961
चारणाई 261 133 128 962
देदासरी 450 226 224 991
सांवरा गांव 220 104 116 1115
कल्याणसिंह की सिड 95 43 52 1206
स्त्रोत| भारतकी जनगणना 2011
भास्कर न्यूज | बाप
बापपंचायत समिति में बेटियों की संख्या काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार समिति क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में लिंगानुपात चिंताजनक है। इन ग्राम पंचायतों में लिंगानुपात 700 से भी नीचे है। 19 ग्राम पंचायतों में लिंगानुपात की स्थिति 900 से कम है। दो पंचायतों में लिंगानुपात आशा से कई गुना बेहतर यानी 1100 से 1200 तक का है। राजस्थान में 2005 से जेंडर असमानता, घटते शिशु लिंगानुपात और बालिका अधिकारों को लेकर काम कर रही सेंटर फोर एडवोकेसी एंड रिसर्च ने भी बाप पंचायत समिति क्षेत्र में बेटियों की घटती संख्या को काफी गंभीर माना है। संगठन बेटियों के सरंक्षण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का काम कर रहा है। वर्तमान में फलौदी तहसील क्षेत्र में काम कर रहे इस संगठन ने यहां के चिंताजनक हालात को देखते हुए बाप क्षेत्र में भी काम करने की इच्छा जताई है। सेंटर फोर एडवोकेसी एंड रिसर्च, जोधपुर की ओर से बाप पंचायत समिति सभागार में इस मुद्दे को लेकर 26 सितंबर को आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, वार्ड पंच ग्रामसेवक के माध्यम से आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
भेदभावको खत्म करना जरूरी...
^सं