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पीपाड़ शहर को पंचायत समिति बनाने की मांग

7 वर्ष पहले
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पीपाड़ शहर को पंचायत समिति बनाने की मांग

पीपाड़ शहर | पीपाड़शहर को पंचायत समिति मुख्यालय बनाएं जाने की मांग दिन दिन जोर पकड़ती ही जा रहीं है तथा तहसील क्षेत्र के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधी सरपंचगणों ने पीपाड़ शहर को पंचायत समिति बनाओं संघर्ष समिति के संयोजक वीपीसिंह कुड़ के नेतृत्व में राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज मंत्री गुलाबचंद कटारिया से जोधपुर प्रवास दौरान मिलकर अपना मांग पत्र सौंपा गया है। इस दौरान केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसंवतसिंह विश्नोई के अलावा जोधपुर सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत ने भी संघर्ष समिति की मांग को न्यायोचित बताते हुए मंत्री कटारिया के समक्ष पीपाड़ शहर को पंचायती समिति बनाएं जाने की पैरवी भी की गई है। समिति संयोजक कुड़ ने मंत्री को पंचायत समिति के अभाव में प्रशासनिक भौगोलिक असंतुलन के चलते ग्रामीणों को हो रहीं विभिन्न परेशानीयों से अवगत करवाया गया। उधर मंत्री कटारिया ने भी संघर्ष समिति की मांग को जायज बताते हुए जिला प्रशासन से इस संबंधी आवश्यक जानकारी लेने के साथ ग्रामीण जनप्रतिनिधीयों को राज्य सरकार से आवश्यक सहयोग का विश्वास दिलाया है।

प्रशासनिकअधिकारियों की अनदेखी पर भी समिति ने आक्रोश जताया

पंचायतीराज द्वारा पंचायतों एवं पंचायत समितियों को नव सृजित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारीयों को पंचायत समिति का गठन करने का ड्राफ्ट तैयार किए जाने का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन पीपाड़ शहर का भौगोलिक, राजनैतिक एवं प्रशासनिक सर्वे नहीं किया गया नाहीं ड्राफ्ट बनाया गया जिसके चलते पीपाड़ शहर को पंचायत समिति बनाने से वंचित भी रखा गया है जबकी आसपास क्षेत्र की ग्राम पंचायतो की यह पुरानी मांग भी है। पीपाड़ शहर में पंचायत समिति कार्यालय नहीं होने से तहसील क्षेत्र से जुड़ी 26 ग्राम पंचायतो के ग्रामीणों को 50-60 किमी दूर भोपालगढ़ बिलाड़ा पंचायत समितियों में जाना पड़ता है। संघर्ष समिति ने मंत्री के समक्ष प्रशासनिक अधिकारीयों की अनदेखी पर भी आक्रोश जताया है। इस दौरान मांगीलाल दुकतावा, नारायणसिंह पालड़ी सिद्धा, केसाराम विश्नोई कुड़, बलदेव खदाव, गिरवरसिंह शेखावत, भरत भाटी बोरुंदा, राजबहादुरसिंह सिलारी, भागीरथ ज्याणी चिरढ़ाणी, मिरगी सिंधी मलार, जीयाराम बाड़ा कंला, छतर सैन बोयल सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।