जोधपुर. एएनएम भंवरी के अपहरण हत्या के मामले में लूणी के पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई की पिछले तीन साल से फरार चल रही बहन इंद्रा विश्नोई के खिलाफ चल रहे एक मामले में सोमवार को सीबीआई के निरीक्षक ने अदालत में हाजिर होकर अपना बयान दिया। अजा-जजा मामलात की विशेष अदालत में चल रहे अपहरण हत्या के मामले से यह अलग मामला है।
इंद्रा विश्नोई के सीबीआई के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर सीबीआई ने इंद्रा के खिलाफ यह मुकदमा अलग से दर्ज करवाया था। आईपीसी की धारा 174 के तहत चल रहा यह मामला यदि साबित होता है तो इंद्रा विश्नोई को अपहरण हत्या के मामले के अलावा उसे सात वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। यह मामला महानगर मजिस्ट्रेट संख्या तीन की अदालत में विचाराधीन है।
आईपीसी की धारा 174ए के अनुसार उद्घोषित अपराधी के विरुद्ध उद्घोषणा प्रकाशित होने के बावजूद यदि अदालत में हाजिर नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध इस प्रावधान में कार्रवाई की जा सकती है। सीबीआई के इंस्पेक्टर विशाल ने महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 3 की अदालत में पेश होकर बताया कि इंद्रा विश्नोई अनुसंधान के लिए सीबीआई के समक्ष पेश नहीं हुई।
इस पर एसीएमएम सीबीआई कोर्ट ने इंद्रा को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद इंद्रा की संपत्ति को भी कुर्क कर दिया गया। इसके बावजूद इंद्रा अभी तक सीबीआई या कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं हुई है। कोर्ट ने उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर रखा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 मार्च 2015 को होगी।