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फिर शुरू होगी छह साल से बंद पड़ी पिचियाक जेल
मरम्मत रंग-रोगन के बाद तैयार है पिचियाक जेल।
कमल लोढ़ा | खारिया-मीठापुर
प्रदेशकी अलग-अलग जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों के भरे होने और इनमें से कुछ में फायरिंग, हत्या अन्य घटनाएं होने के बाद सरकार जेल प्रशासन जागा है। इसी क्रम में बिलाड़ा के निकटवर्ती पिचियाक इलाके में पिछले साढ़े छह साल से बंद पड़ी पिचियाक जेल दुबारा चालू की जा रही है। जेल प्रबंधन ने यहां जेलर कानाराम मेघवाल को यहां पदस्थापित किया है। जेल प्रबंधन द्वारा एक-दो दिन में ही बिलाड़ा, पीपाड़ जैतारण कोर्ट के अधीनस्थ क्षेत्र के बंदियों को यहां शिफ्ट किया जाएगा। जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक राकेश मोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जोधपुर सेंट्रल जेल से आठ प्रहरियों को भी यहां लगाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिचियाक की इसी जेल से नवंबर 2007 में दीपावली पर छह बंदी दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इसके बाद बजट के अभाव में मार्च 2008 से इस जेल को बंद कर दिया गया। लंबे समय से जेल प्रशासन इसे दुबारा चालू करने के प्रयास करता रहा, लेकिन जेल की मरम्मत सुरक्षा के लिहाज से इसे दुरुस्त करने के लिए फंड नहीं मिला। हाल ही में इस जेल काे दुबारा चालू करने की कवायद शुरू हुई थी। इसी क्रम में सोमवार को जेल अधीक्षक शर्मा ने पिचियाक जेल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश पर जेल को चालू करने की कार्रवाई की गई है। जेल परिसर में साफ-सफाई सहित अन्य इंतजाम पूरे किए जा चुके हैं। 100 बंदियों को रखे जाने की क्षमता वाली इस जेल में प्रहरियों के साथ ही अन्य स्टाफ बढ़ाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद यहां छह होमगार्ड भी लगाए जाएंगे। जेलर कानाराम ने बताया कि फिलहाल, यहां बिलाड़ा क्षेत्र की जैतारण जेल से 22 और जोधपुर सेंट्रल जेल से 34 बंदियों को शिफ्ट किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासनकी परेशानी कम होगी
^मैंनेविधानसभा में भी वर्षों से बंद पड़ी पिचियाक जेल को चालू करने का मुद्दा उठाया था। सरकार ने इस पर ध्यान दिया और जेल प्रशासन को इसे दुबारा चालू करने के निर्देश भी जारी कर दिए। स्थानीय जेल चालू होने का फायदा पुलिस प्रशासन को मिलेगा। इससे समय की बचत तो होगी ही, साथ ही बंदियों की सुरक्षा को लेकर भी परेशानी नहीं रहेगी।
अर्जुनलालगर्ग, विधायकबिलाड़ा