मरीज को सर्पदंश के 380 इंजेक्शन लगाए
नवंबर से पहले एंटीवेनम इंजेक्शन नहीं मिलेंगे
मनीष गौतम .जोधपुर | एमडीएमहाॅस्पिटल में निशुल्क दवा योजना के एंटी स्नेक विनम इंजेक्शन के निजी मेडिकल स्टोर पर बिक्री के बाद अब एक ही मरीज को 380 इंजेक्शन लगने का मामला सामने आया है। मेल मेडिकल वार्ड बी में गत 18 अगस्त से 26 अगस्त तक भर्ती रहे बालोतरा निवासी बिरदाराम को करीब 380 एएसवी लगाए गए। अन्य कई मरीजों को भी 50 से 200 इंजेक्शन लगाए गए। आशंका है कि मुफ्त के एएसवी असर नहीं कर रहे हैं या मरीज को लगाने के नाम पर बाहर भेजे जा रहे हैं। शेष| पेज 7 (पेज -3 भी पढ़ें)
एमडीएमएचमें 1 जनवरी 2013 से अब तक 16 हजार 908 एएसवी की खरीद की गई है। ये इंजेक्शन सर्पदंश के करीब 300 मरीजों को लगाए गए हैं। यानी एक मरीज के लिए औसतन 56 एएसवी काम आए।
एमजीएच में एक मरीज को अधिकतम 40 इंजेक्शन :
महात्मा गांधी अस्पताल के मेल मेडिकल थर्ड में भर्ती लवेरा बावड़ी निवासी प्रेमाराम के 20 और पोकरण निवासी इलामुद्दीन के 30 वाइल लगे हैं। अब उनके वाइल बंद हैं। वहीं फिमेल मेडिकल में भर्ती खींवसर निवासी गुली और लूणी निवासी पप्पू देवी को 10-10 एएसवी लगाए गए हैं। उन्हें अभी तीन से चार एएसवी रोजाना लग रहे हैं। ऐसे में एमडीएमएच में सर्पदंश के एक-एक मरीज के 50 से 200 एएसवी लगना शक पैदा कर रहा है।
स्नेक बाइट की दवा होने का पता चला है, ये मामला मंत्री देख रहे हैं।
प्रदेश में 91 मौतें हो चुकी हैं। सांप के जहर को खत्म करने के इंजेक्शन नहीं हैं। सरकार जवाब दे।
-प्रद्युम्नसिंह, विधायक,कांग्रेस
सर्पदंश के मरीज को अमूमन 10 से 200 इंजेक्शन ही लगते हैं। औसत 25 इंजेक्शन के आसपास ही रहता है।
-डॉ.दिनेश कोठारी, सीनियरफिजिशियन
मेरी यूनिट में कई मरीजों को 140 से 200 तक एएसवी लगे हैं। ऐसा लगता है जैसे इंजेक्शन असर ही नहीं कर रहा। जांच करवाने के लिए अधीक्षक को बताया है।
डॉ.अरविंद जैन, फिजिशियन,एमडीएमएच
जयपुर | यदिचिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग समय पर कंपनी को आर्डर दे देता तो प्रदेश में सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोका जा सकता था। कंपनी को समय पर आॅर्डर नहीं दिए जाने की वजह से प्रदेश में सप्लाई नहीं हो सकी और अस्पतालों मेडिकल स्टोर्स में एएसवी इंजेक्शन नहीं बचे। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को 20 जून को आॅर्डर दिए, जि समें