जोधपुर. शहर में बीआरटीएस के लिए अलग से कॉरिडोर बनाने की लागत इस परियाेजना की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। एशियन विकास बैंक (एडीबी) ने सर्वे में मंडाेर से जैसलमेर बाइपास तक का मार्ग बीआरटीएस उसके कॉरिडोर के लिए सबसे उपयुक्त माना था, लेकिन जालोरी गेट से उम्मेद स्टेडियम (पुराना स्टेडियम) तक की सड़क की चौड़ाई कॉरिडोर के उपयुक्त नहीं है।
जालोरी गेट-उम्मेद स्टेडियम मार्ग सबसे बड़ी चुनौती
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती जालोरी गेट से उम्मेद स्टेडियम का मार्ग है। इसमें कम लागत आैर उपयुक्त सुझाव भी दिया गया है। अगर सरकार अपने बजट में शामिल कर जेडीए के मार्फत इन सुझावों पर विचार करती है, तो एक-डेढ़ साल में यह रास्ता भी सुगम हो सकता है। -महेश शर्मा, सेवानिवृत्त एसई, नगर निगम
चौड़ाई 12 से 17 मीटर, चाहिए 25 से 30 मीटर
दैनिकभास्कर ने नगर निगम जेडीए को सौंपी प्रारंभिक सर्वे (प्री-फिजिबिलिटी) रिपोर्ट पर नजर डाली, तो सामने आया कि जालोरी गेट से उम्मेद स्टेडियम तक का मार्ग 12 से 17 मीटर ही चौड़ा है, जबकि बीआरटीएस कॉरिडोर के लिए सड़क की चौड़ाई 25 से 30 मीटर होनी जरूरी है। अगर जेडीए या निगम इस दो किमी सड़क काे चौड़ा करने का काम करें, तो इस पर 617 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वर्तमान स्थिति में जेडीए निगम इतनी बड़ी राशि खर्च करने में सक्षम नहीं है। रिपोर्ट में प्रस्तावित बीआरटीएस उसके रूट के आसपास के क्षेत्र के संस्थागत विकास को महत्वपूर्ण माना गया है।
मार्ग की चौड़ाई बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती
हेरिटेज लुक बिगड़ने का भी खतरा
सड़क की चौड़ाई बढ़ा कर 25 से 30 मीटर तक करने के लिए इसके दोनों ओर बनी पुरानी इमारतों का पुनर्निर्माण करना पड़ेगा। इसके लिए जालोरी गेट से पावटा तक के मार्ग को चिह्नित किया गया है। अगर ऐसा किया जाता है, तो रणछोड़दास मंदिर जसवंत सराय का हेरिटेज लुक बिगड़ जाएगा।
इनर रोड का सुझाव लेकिन ये भी महंगी
सर्वे के अनुसार मंडोर से जैसलमेर बाइपास पर पाल रोड और जालोरी गेट से उम्मेद स्टेडियम के मार्ग पर दिक्कत आएगी। इसके लिए जालोरी गेट से पावटा तक की सड़क को सुधारने की जरूरत होगी। हालांकि यहां इनर रोड बनाने का सुझाव दिया गया है, लेकिन इसकी लागत भी ज्यादा है।