पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मासूम बेर तोड़ने रुके, तेज आई स्कॉर्पियो ने कुचल दिए दो घरों के सपने

मासूम बेर तोड़ने रुके, तेज आई स्कॉर्पियो ने कुचल दिए दो घरों के सपने

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
देचूथाना क्षेत्र के ठाडिया गांव में रहने वाले तीन मासूम बच्चों का बाल मन बेर के लिए मचला और वे स्कूल से छुट्टी होते ही सड़क किनारे एक बेर के पेड़ के पास पहुंच गए। एक बच्चा पेड़ पर चढ़ा, जबकि, दो नीचे खड़े रहे। अचानक एक लापरवाह शख्स ने तेज रफ्तार से स्कॉर्पियो चलाई और अनियंत्रित गाड़ी ने पेड़ के नीचे खड़े दो मासूमों को कुचल दिया। तीसरा बच्चा भी पेड़ की टहनी के साथ नीचे गिरा। पलभर में हुए इस हादसे ने गांव के दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। हादसे की खबर कुछ ही देर में पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और क्षेत्र में कोहराम मच गया।

सोमवार दोपहर के समय ठाडिया निवासी रावल सिंह (9) पुत्र मदनसिंह, कालू सिंह (10) पुत्र जसवंत सिंह और जाेगसिंह (10) पुत्र पेहपसिंह गांव में ही स्थित श्रीआईजी मेमोरियल स्कूल से घर के लिए रवाना हुए। रास्ते में गांव की राजकीय माध्यमिक स्कूल से करीब 100 फीट की दूरी पर तीनों बेर खाने के लिए रुके। दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक पीलवा से देचू होते हुए ठाडिया की ओर आई स्कॉर्पियो ने बच्चों को चपेट में ले लिया। हादसे में रावल सिंह अौर कालू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जोगसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्कॉर्पियाे चलाने वाला देवाराम सुथार भी घायल हो गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चों के शव परिजनों को सौंपे और स्कॉर्पियो जब्त कर ली। दोनों घायलों को जोधपुर के राजकीय अस्पताल में रेफर किया गया है। देचू पुलिस ने ठाडिया निवासी देवीसिंह पुत्र अचलसिंह की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया है। उधर, ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर स्थित स्कूल के बाहर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग भी की है।

बालेसर के ठाडिया गांव में निजी स्क्ूल के दो छात्रो को कुचलने वाला स्कोर्पियाे।

इसी साल भेजा था अपने लाडलों को पढ़ने

मासूमबच्चों के रिश्तेदार खींवसिंह ने बताया की इन तीनों बच्चों के पिता अन्य राज्यों में रहकर मिठाई की दुकान घोड़ा फार्म पर कार्य करते हैं। परिजनों ने इसी वर्ष अपने तीनों बच्चों को नया बस्ता, नए कपड़े इत्यादि दिलवाकर निजी स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा था। सोमवार को हुए इस हादसे ने दो परिवार के चिराग बुझा दिए। इससे पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। हादसे की जानकारी मिलने के बाद गांव की दुकानें बंद हो गई और पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।