परिणाम से ही स्कूल की पहचान : सैन
बिलाड़ा | शिक्षणके दौरान यदि अध्यापक विद्यार्थी शिक्षण के दौरान सक्रिय रहकर शैक्षिक गतिविधियों को अंजाम देते है तो इससे अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। साथ ही उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से भी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इसके लिए ईमानदारी से प्रयास करने जरूरी है। ये बात राउप्रावि पोलियावास में आयोजित एक दिवसीय जनप्रतिनिधियों अधिकारियों की ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला के दौरान डाइट जोधपुर के प्रधानाचार्य चेतनप्रकाश सैन ने कही। सैन ने कहा की यदि आप अपने वेतन का दो प्रतिशत भी स्कूल के बच्चों के लिए खर्च करें तो स्कूल आदर्श स्कूल बन जाएगा। सभी को अपनी-अपनी स्कूलों को आदर्श स्कूल बनाने के प्रयास करने चाहिए। इस अवसर पर आरपी राजेंद्र छीपा ने सर्व शिक्षा अभियान के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि सर्व शिक्षा अभियान स्कूलों में कई तरह की भौतिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधियों ने भी शिक्षा के बारे में और शिक्षा के सुधार के बारे में चर्चा की। कार्यशाला में महावीर शर्मा ने एसएमसी के गठन, उद्देश्य उसके अधिकारों के बारे में बताया। हेमलता ने विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं की जानकारी दी। शिक्षाविद खुर्शीद अहमद चिश्ती ने वर्तमान दौर में शिक्षा की चुनौतियों के बारे में बताया। प्रकाश सोलंकी ने शिक्षा में गुणवत्ता के आयाम और मंजू डाबी ने बालिका शिक्षा पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में एबीईईओ आेमप्रकाश चौहान, गिरीश शर्मा, बंटी वैष्णव, अब्दुल हफीज सहित कई शिक्षाविद जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मथानिया| सर्वशिक्षा अभियान के तत्वावधान में मथानिया में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन पर एक दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार को आयोजित हुई। सर्व शिक्षा अभियान ओसियां के सीसीई कार्यक्रम प्रभारी रामचंद्र चौधरी ने बताया कि राप्रावि मालियो में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन पर एक दिवसीय कार्यशाला में सीसीई में चयनित 25 स्कूलों के हिन्दी पर्यावरण विषय के शिक्षकों ने भाग लिया।
फलौदी| वनचेतना केन्द्र में शुक्रवार को एक दिवसीय क्षमता एवं संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें फलौदी, बाप ओसियां के वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति अध्यक्षों, सचिवों सदस्यों ने भाग लिया। जागृति संस्थान जयपुर से आए नरेश शर्मा लोकेश ने क्षमता संवर्धन पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में क्षेत्रीय वन अधिकारी जेठमालसिंह सोढा,