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भगवान प्राप्ति के लिए भक्ति सेवा सर्वोपरि: शास्त्री
जोधपुर | चौपासनीगांव स्थित श्रीश्याम मनोहर प्रभु मंदिर में श्रीमद्भागवत सप्ताह के चौथे दिन पं. कन्हैयालाल शास्त्री ने कहा कि भगवत प्राप्ति के लिए भक्ति सेवा ही सर्वोपरि है। पुष्टिमार्ग में आचार्य चरण कृपा सागर है और संसार के भटकते जीवों को भगवान से मिलाना ही आचार्य का कार्य है। अजनेश्वर आश्रम के संत शांतेश्वर महाराज ने भजन प्रस्तुत किए। श्री लटियाल माता मंदिर से साध्वी तारादेवी ने श्रीमद्भागवत अनुसार भक्ति का महत्व बताया। मुकुट बावा साहब ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। वैष्णवों को जीवनपर्यंत श्रीमद्भागवत से ही भक्ति और भक्ति द्वारा सेवा की सीख मिलती है। सेवा से ही प्रभु प्राप्ति संभव है। इस अवसर पर कार्यकारी समिति प्रमुख सोहनलाल जैसलमेरिया ने आभार जताया।
श्रीश्याम मनोहर प्रभु मंदिर में संत ने साधकों का किया मार्गदर्शन।