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प्रोजेक्ट मिले तो भू-जल समस्या पर काम करेंगे
रेगिस्तान में प्राकृतिक आपदाओं से बचने में रिमोट सेंसिंग कारगर सिद्ध हो सकता है: जयसिलन
जोधपुर | इंटरनेशनलसेंटर फॉर रेडियो साइंस की ओर से आयोजित दसवीं ऑन माइक्रोवेव एंटीना, प्रोपेगेशन एंड रिमोट सेंसिंग कॉन्फ्रेंस का समापन शुक्रवार को हुआ। सेमिनार के अंतिम दिन माइक्रोवेव विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसमें रीजनल रिमोट सेंसिंग के जनरल मैनेजर एपी जयसिलन ने कहा कि थार रेगिस्तान में आने वाली बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचने में रिमोट सेंसिंग काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
विशेषज्ञों ने सोसायटी के अंतिम व्यक्ति तक माइक्रोवेव रिसर्च का फायदा पहुंचाने पर चर्चा की। इसमें यह निर्णय लिया कि सोसायटी का आखिरी व्यक्ति हिमालय में रहने वाला शख्स है। किसान है और मछुआरा है। इन तक रिसर्च का फायदा पहुंचे तभी यह उपलब्धियां कही जा सकती हैं। चर्चा में जापान के अकीरा हिरोज, वीएस चौहान, डॉ. कल्पना और प्रो.ओपीएन कल्ला ने भाग लिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि अकीरा हिरोज ने कहा कि ऐसे सेमिनार आयोजित करने से दुनिया भर में चल रहे रिसर्च की जानकारी मिल जाती है। लाचू कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजीव माथुर ने कहा कि कॉलेज जल्द ही आईसीआरएस के साथ अनुबंध करेगा। इस अवसर पर डिफेंस लैब के एमएल वढ़ेरा, आफरी के निदेशक एनके वासु, केआर चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर रेडियो साइंस की ओर से आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने माइक्रोवेव राडार पर जानकारी दी।