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पर्यावरण संरक्षण ही जैन दर्शन का मूल आधार: साध्वी सुमन
साध्वीसुमन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण ही जैन दर्शन का मूल आधार है। भगवान महावीर ने पर्यावरण संरक्षण का ही संदेश दिया है। वे सोमवार को अणुव्रत समिति की ओर से आयोजित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के चौथे दिन केके माडर्न स्कूल डाल्फिन इंटरनेशनल स्कूल में बोल रही थीं। इस मौके पर साध्वी अपूर्वयशा ने मेमोरी बढ़ाने के प्रयोग करवाए।
कार्यक्रम के दौरान तेरापंथी सभा अध्यक्ष मांगीलाल बुरड़ द्वारा दोनों स्कूलों में अणुव्रत आचार संहिता से संबंधित पट्टिका स्थापित की गई। समिति की उपाध्यक्ष सुधा भंसाली ने भी संबोधित किया। इसी तरह तातेड़ गेस्ट हाउस में साध्वी सुमन के सान्निध्य में बीआर पंवार गणपत सालेचा ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित वार्ता प्रस्तुत की। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष प्रो. सोहनराज तातेड़ ने कहा कि अणुव्रत व्यक्ति को इच्छा परिणाम का नियम दिलाकर पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है। इस दौरान तेरापंथ सभा अध्यक्ष मांगीलाल बुरड़, हनवंतराज मेहता, सुमेरमल तातेड़, विनय तातेड़, युवक परिषद के अध्यक्ष ललित बुरड़, दीपक सुराणा उपस्थित थे। संचालन महावीर चौपड़ा ने किया।
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।