- Hindi News
- 12 गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नई योजना की तैयारी
12 गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नई योजना की तैयारी
जयपुर | केंद्रसरकार कैंसर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, लकवा, टीबी और कुपोषण से पीड़ित गंभीर मरीजों की जांच इलाज का इंतजाम करेगी। इसके लिए एक नई योजना यूनिवर्सल हेल्थ एश्योरेंस मिशन (यूएचएएम) लागू होगा, जिसके तहत मरीजों का बीमा किया जाएगा। योजना पर चर्चा और उसका खाका बनाने के लिए 9 अक्टूबर को दिल्ली में सभी प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों की बैठक होने वाली है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सचिवालय जयपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि योजना में 50 आवश्यक 30 आयुष दवाएं शामिल होंगी। पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ.रंजीत रॉय चौधरी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी सभी राज्यों की गंभीर बीमारियों मौत के आंकड़े एकत्र करके केन्द्र सरकार को आठ सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी।
मातृ-शिशु मृत्यु दर के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की देखरेख में गाइडलाइन बनाकर सूक्ष्म तरीके से मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि देश में कुपोषण से पीड़ित 184 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें राजस्थान भी शामिल है। खून की कमी (एनीमिया) से होने वाली मौतों पर नियंत्रण तथा कुपोषण के लिए अभियान चलाया जाएगा। एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन ने भरोसा दिलाया कि जोधपुर समेत निर्माणाधीन एम्स में इस साल के अंत तक सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।
इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
> अंगदान के लिए देशभर में जागरूकता अभियान, सभी राज्य सरकारों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा के लिए लिखा पत्र
> ऑपरेशनकी वेटिंग कम करने के लिए जोधपुर समेत निर्माणाधीन एम्स जैसे अस्पतालों में जांच, ओटी, आईपीडी आदि सुविधाएं साल के अंत तक
>राजस्थान में निशुल्क दवा की उपलब्धता गुणवत्ता के लिए राज्य सरकार से बात
> क्लीनिकल ट्रायल करने वाले डॉक्टरों की कड़ी मॉनिटरिंग
> डॉक्टरके पास आने वाला हर मरीज बिना इलाज के नहीं जाए। इसके लिए आयुर्वेद, होम्यो एवं यूनानी डॉक्टर के लिए एक साल का ब्रिज कोर्स शुरू करना
>सभीराज्यों को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करना
>ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं जाने वाले तथा आए दिन हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करें
> नेशनलहेल्थ मिशन की तरह बनेगा आयुष मिशन
>रोटा वायरस, डायरिया, रूबेला को यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोगाम में शामिल करना
> देशके मेडिकल कॉलेजों में यू