जोधपुर. पट्टे जारी नहीं करने, सड़क की चौड़ाई बढ़ाने जमीन अवाप्ति पर जताई आपत्ति दोदशक की जरूरतों के लिए बनाए गए शहर के नए मास्टर डवलपमेंट प्लान 2031 में खामियों की भरमार है। मौजूदा वर्ष 2023 के मास्टर प्लान में जेडीए ने सूरपुरा क्षेत्र में जिन कॉलोनियों का नियमन किया था और उनके पट्टे जारी किए गए थे, उन्हें नए मास्टर प्लान में डूब क्षेत्र में शामिल कर दिया गया।
सिर्फ जल संसाधन विभाग के एक पत्र के बाद इस क्षेत्र के 31 किमी क्षेत्र की 5 हजार हैक्टेयर से ज्यादा जमीन प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल करना प्रस्तावित है। जेडीए में गुरुवार को आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान लोगों ने अपनी आपत्तियां बताईं। इसी तरह रिहायशी बस्ती में पक्के मकानों को तोड़कर उसे चौड़ा करने का प्रस्ताव, नागौर बाइपास पर निजी जमीन अवाप्त नहीं करने जैसी आपत्तियां पेश की गईं।
सुनवाई के दौरान दूसरे दिन 50 में से 37 लोग उपस्थित हुए, जिन्हें जेडीए आयुक्त भूराराम चौधरी अफसरों ने सुना और मौका तस्दीक के निर्देश दिए। दो दिन में 84 लोग सुनवाई के लिए चुके हैं। जेडीए में गुरुवार को आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान लोगों ने जेडीसी भूराराम चौधरी को आपत्तियां बताईं।