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अंग्रेजी तो दूर िहंदी भी तरीके से नहीं बोल पाए सरकारी स्कूलों के बच्चे
संबलन अभियान | पहलेचरण में 350 स्कूलों का निरीक्षण, दूसरा चरण कल से
जोधपुर| सर्वशिक्षा अभियान के दो दिवसीय संबलन अभियान के अंतिम दिन बुधवार तक जिले के शिक्षा अन्य विभागों के 223 अधिकारियों ने 350 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। अभियान के तहत 441 स्कूलों का निरीक्षण किया जाना था। शेष रही स्कूलों में 26 27 सितंबर को निरीक्षण होगा। पहले चरण में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक गजरा चौधरी, प्रारंभिक डीईओ भल्लूराम खीचड, एसएसए के धनराज व्यास भरत रलिया के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने स्कूलों में पेयजल शौचालयों की स्थिति, एसएमसी बैठक, पुस्तकालयों की स्थिति, विज्ञान गणित किट की स्थित, कम्प्यूटर की स्थित, बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन, शिक्षण प्रक्रिया का अवलोकन रीडिंग कैंपेन का अवलोकन किया गया। अधिकतर स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर कमजोर नजर आया। जिस पर अधिकारियों ने शिक्षकों को सुधार के निर्देश दिए।
राजकीयमाध्यमिक विद्यालय सोढ़ों की ढाणी
समय: सुबह 11 बजे | राज्यके मुख्यमंत्री का नाम नहीं बता पाए आठवीं के बच्चे
यहांआरएएस अधिकारी निसार खान ने आठवीं के बच्चों से प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पूछा, तो बच्चों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम बता दिया। इसके अलावा कक्षा छठी के बच्चे हिंदी में पाठ नहीं पढ़ पाए। अंग्रेजी का स्तर भी निम्न स्तर का मिला। इस पर उन्होंने स्कूल के प्रधानाध्यापक को बुलाकर बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधारने के निर्देश दिए गए। उन्होंने शिक्षकों को भी मन लगाकर पढ़ाने की हिदायत दी।
राजकीयमाध्यमिक स्कूल रातानाडा
समय: सुबह 11 बजे | हिंदीमें ठीक से बात तक नहीं कर पाए कक्षा 4 6 के बच्चे
अतिरिक्तजिला कलेक्टर शहर प्रथम ओपी बुनकर ने यहां कक्षा 4 6 के बच्चों से बात की, तो पाया कि बच्चे सही तरीके से हिंदी भी नहीं बोल पा रहे थे। उन्होंने प्रधानाध्यापक से कहा कि यहां 15 शिक्षक होने के बावजूद बच्चे पास होने के लायक भी नहीं हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस बार जब कोई शिक्षक क्लास में नहीं आए, तो मुझे शिकायत करें, मैं स्कूल आकर कार्रवाई करूंगा। उन्होंने एसएमसी की बैठक में सुधार की हिदायत दी।