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बाल अपराधों को गंभीरता से रोकें: जस्टिस अंबवानी
जोधपुर | राजस्थानराज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संभाग स्तरीय कार्यशाला डीआरडीए सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला का विषय \\\"बाल विवाह प्रतिषेध एवं बाल तस्करी बालकों के अधिकार भविष्य का संचय\\\' था। इस मौके पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी ने कहा कि बाल अपराधों को रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन जरूरी है। लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि ऐसे कानून केवल किताबों का हिस्सा बने।
बाल-विवाहबाल तस्करी रोकने की जरूरत बताई
जस्टिससंदीप मेहता ने इस मौके पर कहा कि बाल विवाह बाल तस्करी रोकने की जरूरत है। बच्चों के कल्याण के लिए सभी विभागों को मिलकर प्रयास करने होंगे। जस्टिस विनीत कोठारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सुशीला बोहरा, भगवानसिंह परिहार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संभागीय आयुक्त हेमंत गेरा ने बालश्रमिकों बाल श्रम से संबंधित कानून का पालन करने की आवश्यकता जताई। अपर जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, अनिल बिस्सा, उप अधीक्षक पुलिस नरेंद्र चौधरी ने भी विचार व्यक्त किए। जस्टिस प्रभा शर्मा ने आभार जताया।