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कोटा के डॉक्टरों के समर्थन में जोधपुर के रेजिडेंट भी हड़ताल पर

7 वर्ष पहले
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कोटामेडिकल कॉलेज में मरीज के परिजन रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के मामले के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल गए रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में गुरुवार दोपहर बाद डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट ने भी काम छोड़ दिया है। इसके साथ ही तीनों अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं में इक्का-दुक्का डॉक्टर की मौजूदगी के चलते अन्य सेवाएं कॉल पर गई हैं। हड़ताल जारी रही तो शुक्रवार से स्थिति बिगड़ जाएगी। क्योंकि जिन 88 रेजिडेंट ने गुरुवार को सेवाएं दी थी, वे भी अब हड़ताल पर चले गए हैं। केवल इमरजेंसी ऑपरेशन ही होंगे। हालांकि उम्मेद अस्पताल में कुछ रेजिडेंट कार्यरत रहने से गायनी शिशु रोग विभाग में सेवाएं जारी रही। ओपीडी इनडोर की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सीनियर डॉक्टर्स की ड्यूटी लगा दी गई है। अधीक्षकों को निर्देश देकर डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ का वीकली ऑफ अवकाश रद्द कर दिया गया है। अधीक्षक डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि ट्रोमा में विशेषज्ञ डॉक्टर्स की ड्यूटी लगा दी गई है, इसमें सर्जरी, ऑर्थो और मेडिसिन के डॉक्टर्स शामिल हैं। वहीं ईएनटी, न्यूरोसर्जरी और डेंटल के डॉक्टर्स ऑन कॉल रहेंगे।

एमडीएमएच के ट्रोमा सेंटर में सीनियर डॉक्टरों को व्यवस्थाएं संभालनी पड़ी।

297 रेजिडेंट ने काम छोड़ा, सीएएस पीजी भी समर्थन में, मरीजों की देखरेख होगी प्रभावित, तय ऑपरेशन टलेंगे, इमरजेंसी सेवाएं ऑन काॅल

सीएएस पीजी भी हड़ताल पर

मेडिकलकॉलेज में 90 रेजिडेंट सीएएस पीजी हैं। जो सरकारी सेवा में रहते हुए पीजी कर रहे हैं। ऐसे में इन पर हड़ताल पर नहीं जाने का नियम लागू होता है। लेकिन नियमों को धत्ता बताते हुए सभी हड़ताल पर चले गए। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दिनेश सोलंकी ने बताया कि कोटा में आरोपियों को पकड़ने और जोधपुर में भी रेजिडेंट्स की सुरक्षा बढ़ाने की मांग पर पूरे 297 रेजिडेंट हड़ताल पर हैं।

इनडोर के डॉक्टर्स देखेंगे सीसीयू

एमजीएचमें रुटीन के ऑपरेशनों की जगह इमरजेंसी वालों को प्राथमिकता मिलेगी। इमरजेंसी के डॉक्टर्स ही वार्डों में भी व्यवस्थाएं देखेंगे। डॉ. पीसी व्यास ने बताया कि गेस्ट्रो और न्यूरोलॉजी में सीनियर्स ही व्यवस्था देखते हैं ऐसे में वहां परेशानी नहीं होंगी। इमरजेंसी में सर्जरी, मेडिसिन और आर्थो के डॉक्टर्स रहेंगे। सीसीयू को इनडोर के डॉक्टर्स संभालेंगे और आईसीयू में अलग ड