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स्वाइन फ्लू से दाे और मौत एमडीएमएच के नोडल ऑफिसर भी पॉजिटिव

6 वर्ष पहले
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86 सैंपलों की जांच बाकी, 33 बाहर भेजे

मेडिकलकॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी डीएमआरसी की लैब में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तक 110 संदिग्धों की जांच हुई। वहीं 86 सैंपलों की जांच बाकी हैं। इनमें से 33 सैंपलों को निजी लैब के माध्यम से दिल्ली में जांच के लिए भेजा गया है।

घर-घरस्क्रीनिंग टेमी फ्लू का वितरण जारी

शुक्रवारदेर रात जयपुर से टेमी फ्लू की खेप जोधपुर पहुंच गई। सीएमएचओ डॉ. युद्धवीर सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू को देखते हुए पूरे जिले में सर्वे कर घर-घर स्क्रीनिंग की जा रही हैं। बी सी श्रेणी के मरीजों उनके संपर्क के लोगों को दवा दी जा रही हैं। टेमी फ्लू सीएमएचओ अॉफिस स्वास्थ्य भवन स्थित कंट्रोल रूम से वितरित की जा रही है।

अस्पतालोंकी स्थिति

एमडीएमएच:18मरीज, 4 गंभीर

एमजीएच:6मरीज, एक गंभीर

उम्मेदहॉस्पिटल: 8मरीज, 2 गंभीर

अन्यअस्पताल: 6मरीज भर्ती

अबतक 14 की मौत, दो डिस्चार्ज

स्वाइनफ्लू से शनिवार को पॉजिटिव आए लोगों में बकरा मंडी का 11 वर्षीय बालक, शाेभावतों की ढाणी की 20 वर्षीय युवती, पाल रोड की 19 वर्षीय युवती कुड़ी भगतासनी का 39 वर्षीय युवक शामिल हैं। जिले के तिलवासनी की 22 वर्षीय महिला, खुड़ियाला का 55 वर्षीय अधेड़, पीपाड़सिटी का 30 वर्षीय युवक चैनपुर मंडा का 6 वर्षीय बच्चा भी पॉजिटिव आया हैं। वहीं मारवाड़ में जैसलमेर के पेरेवर की 35 वर्षीय महिला, नागौर का 32 वर्षीय युवक, जैतारण का 40 वर्षीय युवक, सोजत की 65 वर्षीय वृद्धा मारवाड़ जंक्शन का 55 वर्षीय अधेड़ भी पॉजिटिव हैं। वहीं उम्मेद अस्पताल में भर्ती दो बच्चों को छ़ुट्टी दे दी गई। अब तक 14 पॉजिटिव की मौत हुई हैं। इसमें 12 मेडिकल कॉलेज के दो निजी अस्पतालों में भर्ती थे।

डीएमआरसीसे नहीं ली मदद

डेजर्टमेडिसिन रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. जीएस टोटेजा ने बताया उन्होंने मेडिकल कॉलेज को पूरी मदद का आश्वासन दिया है। शुक्रवार को भी उनके 40 सैंपलों का प्रोसेस किया था, लेकिन शनिवार को उनके सैंपल नहीं आए।

मेडिकलकॉलेज का प्रबंधन फेल, प्रिंसिपल लौटे

स्वाइनफ्लू को लेकर मेडिकल का प्रबंधन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। मरीजों को अभी भी केवल दो-दो गोलियां ही मिल रही हैं। जांच किट का भी टोटा हो गया है। अधीक्षक अपने स्तर पर वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) दवाइयां जुटा रहे हैं। इधर, छुट्टियां रद्द होने के बावजूद रांची में यूरोलॉजी की कॉन्फ्रेंस में भाग लेने गए प्रिंसिपल डॉ. अमिलाल भाट शनिवार को जोधपुर लौटे। हालांकि वे पहले 9 फरवरी को लौटने वाले थे। गौरतलब है कि संयुक्त सचिव डॉ. एसपी सिंह ने भास्कर को बताया था कि कॉन्फ्रेंस में जाने के लिए प्रिंसिपल ने सरकार से कोई अनुमति नहीं ली थी।

86 सैंपलों की जांच बाकी, 33 बाहर भेजे

मेडिकलकॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी डीएमआरसी की लैब में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तक 110 संदिग्धों की जांच हुई। वहीं 86 सैंपलों की जांच बाकी हैं। इनमें से 33 सैंपलों को निजी लैब के माध्यम से दिल्ली में जांच के लिए भेजा गया है।

घर-घरस्क्रीनिंग टेमी फ्लू का वितरण जारी

शुक्रवारदेर रात जयपुर से टेमी फ्लू की खेप जोधपुर पहुंच गई। सीएमएचओ डॉ. युद्धवीर सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू को देखते हुए पूरे जिले में सर्वे कर घर-घर स्क्रीनिंग की जा रही हैं। बी सी श्रेणी के मरीजों उनके संपर्क के लोगों को दवा दी जा रही हैं। टेमी फ्लू सीएमएचओ अॉफिस स्वास्थ्य भवन स्थित कंट्रोल रूम से वितरित की जा रही है।

अस्पतालोंकी स्थिति

एमडीएमएच:18मरीज, 4 गंभीर

एमजीएच:6मरीज, एक गंभीर

उम्मेदहॉस्पिटल: 8मरीज, 2 गंभीर

अन्यअस्पताल: 6मरीज भर्ती

अबतक 14 की मौत, दो डिस्चार्ज

स्वाइनफ्लू से शनिवार को पॉजिटिव आए लोगों में बकरा मंडी का 11 वर्षीय बालक, शाेभावतों की ढाणी की 20 वर्षीय युवती, पाल रोड की 19 वर्षीय युवती कुड़ी भगतासनी का 39 वर्षीय युवक शामिल हैं। जिले के तिलवासनी की 22 वर्षीय महिला, खुड़ियाला का 55 वर्षीय अधेड़, पीपाड़सिटी का 30 वर्षीय युवक चैनपुर मंडा का 6 वर्षीय बच्चा भी पॉजिटिव आया हैं। वहीं मारवाड़ में जैसलमेर के पेरेवर की 35 वर्षीय महिला, नागौर का 32 वर्षीय युवक, जैतारण का 40 वर्षीय युवक, सोजत की 65 वर्षीय वृद्धा मारवाड़ जंक्शन का 55 वर्षीय अधेड़ भी पॉजिटिव हैं। वहीं उम्मेद अस्पताल में भर्ती दो बच्चों को छ़ुट्टी दे दी गई। अब तक 14 पॉजिटिव की मौत हुई हैं। इसमें 12 मेडिकल कॉलेज के दो निजी अस्पतालों में भर्ती थे।

डीएमआरसीसे नहीं ली मदद

डेजर्टमेडिसिन रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. जीएस टोटेजा ने बताया उन्होंने मेडिकल कॉलेज को पूरी मदद का आश्वासन दिया है। शुक्रवार को भी उनके 40 सैंपलों का प्रोसेस किया था, लेकिन शनिवार को उनके सैंपल नहीं आए।

मेडिकलकॉलेज का प्रबंधन फेल, प्रिंसिपल लौटे

स्वाइनफ्लू को लेकर मेडिकल का प्रबंधन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। मरीजों को अभी भी केवल दो-दो गोलियां ही मिल रही हैं। जांच किट का भी टोटा हो गया है। अधीक्षक अपने स्तर पर वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) दवाइयां जुटा रहे हैं। इधर, छुट्टियां रद्द होने के बावजूद रांची में यूरोलॉजी की कॉन्फ्रेंस में भाग लेने गए प्रिंसिपल डॉ. अमिलाल भाट शनिवार को जोधपुर लौटे। हालांकि वे पहले 9 फरवरी को लौटने वाले थे। गौरतलब है कि संयुक्त सचिव डॉ. एसपी सिंह ने भास्कर को बताया था कि कॉन्फ्रेंस में जाने के लिए प्रिंसिपल ने सरकार से कोई अनुमति नहीं ली थी।