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डॉक्टरों ने शाम तक नहीं किया बच्चे का उपचार

6 वर्ष पहले
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जोधपुर. नागौर के शेरानिया बाग जाइल निवासी अब्दुल कलाम ने बताया कि वह अपने बेटे शोएब को उपचार के लिए जनाना विंग लाया था। जांच के बाद उसे भर्ती करने को कहा गया। इस दौरान रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बैठे शिशुरोग सैकंड ईयर के रेजिडेंट डॉ.सवाईसिंह लोरा से उसने बच्चे को चढ़ने वाले ब्लड की आवश्यकता कब होगी, इस संबंध में पूछताछ की। इस पर उसने यह मेरा काम नहीं है, कहकर भगा दिया। साथ ही दूसरे मरीजों से भी डांटकर ही बात कर रहा था।
इसके बाद वह बच्चे को वार्ड में लेकर गया और वार्ड की मांग की, तब डॉक्टर ने उससे दुर्व्यवहार कर मारपीट शुरू कर दी। हालांकि उसने यह भी कहा कि पहले डॉक्टर ने मारा उसके बाद उसने भी मारपीट की। वहीं रेजिडेंट डॉ.लोरा का कहना है कि मरीज के परिजन ने पहले मारपीट की।

मारपीट की सूचना दी थी

रेजिडेंट डॉक्टर ने मारपीट की सूचना दी थी। इस पर पुलिस को शिकायत की है।-डॉ. दीपक वर्मा, अधीक्षक,एमडीएमएच

मीडिया के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टरों ने शाम बाद 11 वर्षीय शोएब का उपचार तो शुरू किया, लेकिन ब्लड की जरूरत होने से इलाज रुक गया। उसके पिता कलाम शास्त्रीनगर पुलिस की हिरासत थे। ऐसे में अकेली मां ब्लड का इंतजाम नहीं कर पाई। देर रात तक नागौर से अन्य परिजन भी नहीं पहुंचे थे।