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पार्क के नाम पर कुछ टुकड़े रह गए हैं, क्या दो शहरों के बीच सिर्फ बिल्डिंगंे ही बनाएंगे: हाईकोर्ट

6 वर्ष पहले
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जोधपुर. हाईकोर्ट के जस्टिस संगीत लोढ़ा जस्टिस अरुण भंसाली की विशेष खंडपीठ ने बुधवार को मास्टर प्लान की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा- शहर में कहां है ग्रीन एरिया, हम ढूंढ़ रहे हैं, मिल नहीं रहा है। पूरे जोधपुर में पार्क ग्रीन एरिया के नाम पर कुछ गिने-चुने टुकड़े रह गए हैं। मास्टर प्लान पर सरकार की ओर से पक्ष रखा गया। प्लान पर लगभग बहस पूरी हो गई है। इस पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी। जस्टिस संगीत लोढ़ा जस्टिस अरुण भंसाली की खंडपीठ ने ग्रीन एरिया को शहर एवं लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
क्या सरकार एक सिटी से दूसरी सिटी तक केवल बिल्डिंग ही बनाना चाहती है। कहीं तो ग्रीन एरिया हरियाली होनी ही चाहिए। जोधपुर में मंडोर से अशोक उद्यान के बीच कई किलोमीटर के फासले में केवल एक बड़ा गार्डन उम्मेद उद्यान है। खंडपीठ ने कहा कि शहर के प्रस्तावित मास्टर प्लान में ग्रीन एरिया भी इंगित होना चाहिए। इसे विकसित करने की बहुत ज्यादा जरूरत है। ग्रीन बेल्ट के लिए भी सख्त होना पड़ेगा।

सरकार ने हर मुद्दे पर रखा पक्ष, सख्त रहा कोर्ट: सरकार की ओर से एएजी डॉ. पीएस भाटी ने कोर्ट को सारे भू उपयोग परिवर्तन में स्टेट एम्पावर्ड कमेटी के स्तर पर आने वाली दिक्कतें बताई। कैचमेंट क्षेत्र, रोड फुटपाथ, पार्किंग, कंपाउंड आदि विषयों पर भी पक्ष रखा। कंपाउंड के मामले में कोर्ट का रुख सख्त रहा।