जोधपुर. भूजल विभाग में चालक पद से सेवानिवृत प्रभुराम के मंझले बेटे भाजपा शहर जिला उपाध्यक्ष पूनाराम चौधरी ने सपने में भी जिला प्रमुख बनने की कल्पना नहीं की थी। शनिवार सुबह संगठन ने उन्हें इसका प्रत्याशी घोषित किया गया तो एकबारगी उन्हें भी विश्वास नहीं हुआ। पूरा परिवार उत्साहित था।
दोपहर बाद जब उन्हें जिला प्रमुख निर्वाचित घोषित किया गया तो परिवार जश्न में डूब गया। बचपन से ही आरएसएस विचारधारा से जुड़ने के कारण पूनाराम वर्ष 1989 में छात्र जीवन में एबीवीपी से जुड़े आैर 1993 में भाजपा की सदस्यता ली। 2009 में वार्ड संख्या 57 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। दो दिन पहले ही जिला परिषद के वार्ड संख्या 14 से भाजपा के टिकट पर सर्वाधिक मतों के अंतर से जिला परिषद के सदस्य चुने गए। वे वर्तमान में भाजपा शहर जिला उपाध्यक्ष है।
(जैसा कि इतिहासकार जहूर खान मेहर ने भास्कर संवाददाता को बताया)
कोचिंग क्लासेज से जीवन संवारना चाहते थे
पूनाराम ने एमए (इकॉनॉमिक्स) बीपीएड के बाद बीजेएस क्षेत्र में कोचिंग क्लास शुरू की। वर्ष 2000 में डिंगाड़ी में भारत सी. सै. स्कूल खोली। कुछ समय बाद गर्ल्स बीएड कॉलेज शुरू की। पूनाराम शैक्षणिक क्षेत्र में ही रहकर अपना जीवन संवारना चाहते थे, लेकिन वर्ष 2009 में भाजपा के टिकट पर पार्षद चुनाव हारने के बाद उन्होंने राजनीतिक में ही भाग्य आजमाने का संकल्प ले लिया आैर डिंगाड़ी में अपनी पैठ जमाने लगे।