इतिहास के आइने से
सड़क महाराजा उम्मेदसिंह का सपना थी। लोगों को शहर में आने-जाने में परेशानी हो, इसलिए नई सड़क की योजना बनाई। मार्च 1947 में उनके निधन के बाद योजना कागजों में ही रह गई। वर्ष 1969 में जोधपुर के बरकतुल्लाह खान मुख्यमंत्री बने तो नई सड़क की योजना तैयार करवाई। उस समय यहां भाकरी हुआ करती थी। जिस पर खूब मकान थे। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में इस नई सड़क की बुनियाद रखी। इसका खूब विरोध भी हुआ। जमीन को अधिग्रहित किया गया। लोगों को मुआवजे स्वरूप नई जमीनें राशि दी गई थी। वर्ष 1975 में नई सड़क बन कर तैयार हुई।