पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • प्रो. सिंह पर मेरठ की असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या में शामिल होने का भी आरोप

प्रो. सिंह पर मेरठ की असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या में शामिल होने का भी आरोप

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जोधपुर. जेएनवीयू में कुलपति पद के दावेदार मेरठ की चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी सिंह पर वहां की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या में शामिल होने का भी आरोप है। हत्या का यह मामला अक्टूबर, 2006 का है। सितंबर, 2011 तक सीबीआई की जांच चली। इसके बाद सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी, लेकिन कोर्ट ने इसे नकार दिया था। जांच फिर से शुरू हुई, जो अभी तक जारी है।

फोन उठाया जवाब दिया

इस संबंध में भास्कर ने प्रो. आरपी सिंह से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन दो दिनों से वे फोन नहीं उठा रहे। उन्हें मैसेज भी किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

सीबीआई की दी सीडी से संबंधों का खुलासा

कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपी। सीबीआई ने कविता के संबंधों की दो सीडी प्रस्तुत की। एक में तत्कालीन कृषि मंत्री डॉ. मिराजुद्दीन दूसरी सीडी प्रो. आरपी सिंह की थी। चार्जशीट में बताया गया कि कविता चौधरी को अगवा हत्या कर बुलंद शहर के सोनाटा झील में फेंक दिया।

काॅल डिटेल से हत्या के आरोपी बने प्रो. सिंह

मेरठ यूनिवर्सिटी में तत्कालीन वीसी प्रो. आरपी सिंह ने डॉ. कविता चाैधरी को असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति दी। अक्टूबर 2006 में वह गायब हो गई। पुलिस ने बताया कि 24 अक्टूबर को हत्या हो गई है। उसकी कॉल डिटेल के आधार पर प्रो. सिंह सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया।

कई अनियमितताओं के आरोप

प्रो.सिंह पर वित्तीय, अकादमिक प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप थे। तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने 5 अगस्त 2005 को उन्हें चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से बर्खास्त कर दिया था। आरोपों की जांच के लिए 11 मार्च 2005 को आईएएस ऑफिसर तत्कालीन प्रमुख शासन सचिव कृषि जीबी पटनायक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया गया।