वकीलों को ही भूखंड देने की मांग खारिज
रामराज नगर
जोधपुर| करीबसात साल पूर्व तत्कालीन नगर सुधार न्यास बोर्ड द्वारा लाॅन्च की गई रामराज नगर आवासीय योजना में केवल वकीलों को भूखंड देने की मांग को लेकर दायर याचिका शुक्रवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के तहत पैरवी करते हुए अधिवक्ता नुपूर भाटी ने कोर्ट को बताया कि वकीलों के लिए 500 भूखंड थे, लेकिन इस योजना में सभी भूखंड वकीलों को आवंटित नहीं कर उसमें कर्मचारियों अन्य व्यक्तियों को जेडीए द्वारा भूखंड आवंटित किए गए, यह सही नहीं है। करीब आधे घंटे तक चली बहस में दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविंद माथुर और अतुलकुमार जैन की खंडपीठ ने इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। खंडपीठ ने कहा कि इस मसले को जेडीए के समक्ष पुन: रखें और जेडीए ही इस पर विचार कर सकता है। इस मामले में जेडीए की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पीआर सिंह ने पैरवी की, जबकि सुनवाई के दौरान जेडीए की उपायुक्त सुनीता पंकज भी उपस्थित थीं।