पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • वीसी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को मुलाकात के लिए करवाया 9 घंटे का इंतजार

वीसी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को मुलाकात के लिए करवाया 9 घंटे का इंतजार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जेएनवीयूके एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में अंशकालीन शिक्षकों की नियुक्तियां करने नियमित कक्षाएं लगाने की मांग सहित संकाय की विभिन्न समस्याओं को लेकर जेएनवीयू के केंद्रीय कार्यालय में दिनभर प्रदर्शन चला। इंजीनियरिंग छात्रों की मांग थी कि वे अपनी समस्या खुद कुलपति के समक्ष रखेंगे, लेकिन करीब 9 घंटे तक कुलपति उनसे नहीं मिले। आखिर शाम साढ़े सात बजे कुलपति बाहर आए। बाद में उनके जवाबों से असंतुष्ट छात्रों ने कुलपति के समक्ष नारेबाजी की।

शिक्षकोंकी कमी, नियमित नहीं लगती कक्षाएं

एमबीएमसे सरकारी आदेश के आधार पर अंशकालीन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। एमबीएम में पहले से शिक्षकों की कमी हैं, जिसके चलते वहां नियमित कक्षाएं नहीं हो पा रही। छात्र पिछले कुछ दिनों से विभागाध्यक्ष अधिष्ठाता के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे थे, लेकिन जब समस्या का हल नहीं हुआ, तो वे छात्रसंघ अध्यक्ष भोमसिंह राठौड़ एबीवीपी के प्रदेश सचिव राजेश गुर्जर के नेतृत्व में केंद्रीय कार्यालय में कुलपति से मिलने पहुंचे।

कुलपतिबाहर नहीं आए तो दिया धरना

छात्रोंके एक प्रतिनिधि मंडल ने कुलपति से मुलाकात कर समस्याएं गिनाई, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद छात्रों ने कहा कि कुलपति उनकी समस्याएं बाहर आकर सुने, लेकिन शाम तक कुलपति नही आए। केंद्रीय कार्यालय भी बंद हो गया। तब छात्रसंघ अध्यक्ष भोमसिंह ने घोषणा की कि जब तक कुलपति कार्यालय से बाहर नहीं जाते, वे यहीं बैठे रहेंगे। बाद में वे रास्ते के बीच दरी लगाकर धरने पर बैठ गए। अंधेरा होने के बाद करीब साढ़े सात बजे कुलपति बाहर आए और उनसे मुलाकात की।

नहींमानी मांग आंदाेलन जारी रखेंगे

अंशकालीनशिक्षकों के बारे में कुलपति ने कहा कि ये सरकार का आदेश है, वे अवहेलना नहीं कर सकते। इसके बाद कुलपति चले गए और छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। उन्होंने मांगे नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। इस दौरान महेंद्रसिंह राजपुरोहित, सुमेश बालन, भूपेंद्रसिंह साकड़ा, इंजीनियरिंग संकाय उपाध्यक्ष भानूप्रताप सिंह, राजेंद्र कामोरिया, मनन टाटिया, पूजा जांगिड़, सुभाष लूणीवाल, अश्विनी सिंह, प्रशांत परमार शक्ति सिंह आदि मौजूद रहे।

केंद्रीय कार्यालय के बाहर कुलपति के इंतजार में छात्र पढ़ाई करते रहे। नौ घंटे बाद कुलपति छात्रों से मिलने आए।