- Hindi News
- मास्टर डवलपमेंट प्लान 2031 की नई आपत्तियों पर सुनवाई शुरू
मास्टर डवलपमेंट प्लान-2031 की नई आपत्तियों पर सुनवाई शुरू
पहले दिन 50 में से 37 शिकायतें सुरपुरा बांध से संबंधित, बांध के कैचमेंट एरिया की जमीनों पर प्रतिबंध नहीं लगाने की मांग
जोधपुर| शहरके नए मास्टर डवलपमेंट प्लान-2031 को लेकर दर्ज कराई गई 800 आपत्तियों पर बुधवार से जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में सुनवाई शुरू हुई। विशेष कमेटी के समक्ष पहले दिन 50 शिकायतें दर्ज कराई गई। इनमें से 37 लोगों की शिकायत सुरपुरा बांध के डूब क्षेत्र यानी कैचमेंट एरिया को मास्टर प्लान में प्रतिबंधित जोन में शामिल नहीं करने को लेकर थीं। सुनवाई के दौरान लोगों ने जेडीए आयुक्त को बताया कि इस क्षेत्र में करीब 31 किलोमीटर के एरिया को डूब क्षेत्र मानकर प्रतिबंधित माना गया है। इससे निजी खातेदारों की जमीन का नियमन नहीं होगा और पट्टे भी जारी नहीं होंगे। इस पर जेडीए आयुक्त भूराराम चौधरी ने बताया कि दो साले पहले जल संसाधन विभाग ने जेडीए को पत्र भेजकर खसरों की सूची भेजी थी। इसे बांध का डूब क्षेत्र बताकर पट्टे जारी नहीं करने का कहा था। इस आधार पर इसे मास्टर प्लान में प्रतिबंधित क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है।
रिंगबांध की तरह विकसित हो सूरपुरा : सुनवाईके दौरान मंडोर के बहादुर नगर निवासी शिवलाल सहित 37 जनों ने सूरपुरा बांध के डूब क्षेत्र को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई। इन्होंने बताया कि सूरपुरा बांध में पानी की आवक नहीं होती है तथा इसका सिंचाई परियोजनाआें में उपयोग नहीं हो रहा है। राज्य सरकार ने सूरपुरा बांध में रिजरवायर बनाया है। बांध को प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल करने के बजाय इसे रिंग बांध के रूप में विकसित किया जाएं। मंडोर में जेडीए की आवासीय योजनाओं भी प्रस्तावित स्पेशल क्षेत्र की जमीन का लेवल ऊंचा है। इसकी जमीन निजी खातेदारों की है। यहां कई कॉलोनियों में सीवरेज पानी की लाइन डाली गई और सड़कें बनाई गई हैं। ऐसे में इसे डूब क्षेत्र मानना गलत है।
दोसौ फीट की रोड के दायरे में मकान : मंडोरके ऋषिकेश नगर निवासी नेमीचंद सहित कई लोगों ने मास्टर प्लान में सड़कों को दो सौ फीट तक चौड़ा करने पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि मंडोर पुलिस थाने से गोकुलजी की प्याऊ तक जाने वाली रोड को दो सौ फीट तक प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह गोकुलजी की प्याऊ से सूरपुरा बांध तथा मंडोर औद्योगिक क्षेत्र से नागौर बाइपास की सड़क को चौड़ाई 80 फीट ही है। इसे दो सौ फीट प्रस्तावित करने से