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सरकार ने दिए सर्पदंश के इंजेक्शन की गुणवत्ता जांचने के आदेश

7 वर्ष पहले
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जांच में पता नहीं चला कि बाजार में एएसवी कौनसे वार्ड से गए थे

सर्पदंश के इंजेक्शन बाजार में बिकने के मामले में जांच रिपोर्ट सरकार को भेजी

मथुरादासमाथुर अस्पताल से सरकारी सप्लाई के एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन निजी मेडिकल स्टोर पर बेचे जाने के मामले में बुधवार को अस्पताल प्रशासन की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को सौंप दी। उन्होंने यह रिपोर्ट आगे सरकार को भेज दी है। इस जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एएसवी बाजार में बिकने के लिए कौनसे वार्ड या काउंटर पर से गए। यह भी नहीं पता चला कि ये इंजेक्शन किस मरीज के बचे थे। जबकि आरोपी नर्सिंगकर्मी राजेश राव ने बयान दिया था कि मेडिकल बी वार्ड के एक मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु होने पर ये इंजेक्शन बचे थे। दूसरी ओर इस वार्ड से आई रिपोर्ट में कोई भी इंजेक्शन बचना नहीं बताया है, साथ ही बचे हुए 23 इंजेक्शन दुबारा डीडीसी पर जमा कराने की रसीद भी संलग्न की गई है।

महंगे इंजेक्शनों की मॉनिटरिंग होगी

प्राचार्यडॉ. केसी अग्रवाल ने जीवनरक्षक दवाइयों और सभी मंहगे इंजेक्शनों की हर 15 दिनों में मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। इसके लिए कॉलेज से संबद्ध‌ अस्पतालों में कमेटियां बनाई जाएंगी।

डीडीसी-13 पर मिली अनियमितता

औषधनिरीक्षकों ने एएसवी की उपलब्धता वाले काउंटरों के रिकॉर्ड की जांच में निशुल्क दवा काउंटर संख्या 13 पर अनियमितता सामने आई है। इस काउंटर पर 2 जुलाई के पहले का रिकॉर्ड संधारित नहीं किया गया है। ऐसे में इस काउंटर से एएसवी बाजार में जाने का अंदेशा है।

जांच में आरोपी संविदा नर्सिंगकर्मी राजेश राव फार्मासिस्ट संजय सिंह के पुलिस कस्टडी में होने के कारण बयान दर्ज नहीं हो पाए। इसलिए उनके बयान के बगैर रिपोर्ट सौंपी गई है। चिकित्सा शिक्षा के संयुक्त सचिव डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट आने के पहले ही कार्रवाई कर दी गई है। उनको पहले ही निष्कासित किया जा चुका है। अब चोरी का मामला दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है। दूसरी ओर नर्सेज की तीनों यूनियन के नेताओं ने अधीक्षक डॉ. दीपक वर्मा से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रिपोर्ट पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने कहा- आरोपियों के खिलाफ पहले ही कर दी कार्रवाई, आगे पुलिस देखेगी

आरोपियों के बयान बिना दे दी रिपोर्ट

राज्य सरकार ने सर