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रैगिंग और छात्राओं से अभद्रता का आरोपी छात्र यूनिवर्सिटी से रेस्टिगेट
छात्रसे मारपीट रैगिंग तथा छात्राओं के साथ अभद्रता करने के आरोपी विधि संकाय के छात्र पुष्पेंद्र पाल सिंह को जेएनवीयू से निकाल दिया गया है। चीफ प्रोक्टर प्रो. हरदयाल सिंह ने गुरुवार को यह निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार किसी स्टूडेंट को यूनिवर्सिटी से पूर्णतया बाहर करने भविष्य में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया गया है।
बीए एलएलबी तीसरे सेमेस्टर के छात्र तपेंद्र शर्मा ने गत 23 जनवरी को संकाय डीन प्रो. आरके सिन्हा को बताया कि वह शाम को अपने क्लास के दोस्तों के साथ संकाय के मुख्य कैंपस से घर के लिए निकल रहा था। इस दौरान एक सीनियर पुष्पेंद्र पाल सिंह मौके पर आया और कुछ लड़कों के सहयोग से रास्ता रोक लिया। पुष्पेंद्र ने रैगिंग ली। वह शराब पिए हुए था तथा शराब के पैसे भी मांग रहा था। तपेंद्र ने बताया कि उसके दोस्तों ने बीचबचाव कर उसे छुड़वाया। अगले दिन छात्राओं ने संकाय उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, जिला संयोजक भूपेंद्र सिंह सांकड़ा विभाग प्रमुख महेंद्र सिंह राजपुरोहित के साथ मिल कर कुलपति प्रो. बीएस राजपुरोहित को ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि पुष्पेंद्रपाल सिंह कुछ छात्रों के साथ मिलकर डीन ऑफिस के बाहर बैठकर शराब पीता है। गालीगलौच करता है, स्टूडेंट्स से मारपीट करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुष्पेंद्र संकाय में नियमित रूप से छात्राओं को परेशान करता है। उन्होंने बताया कि लगातार छेड़छाड़ के बाद भी डीन प्रो. सिन्हा इस छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कुलपति ने उसके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। अनुशासन कमेटी ने जांच कर उसे दोषी पाया तथा चीफ प्रोक्टर प्रो. सिंह को अपनी रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के आधार पर उसे यूनिवर्सिटी से रेस्टिगेट करने भविष्य में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया गया है।