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सीईओ को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कबाड़ी की दुकान है क्या, जो मिला लेकर गए
‘जो मिला सो लाया’ कहते ही फटकार
सीईओमेहरड़ा अाधा-अधूरा रिकॉर्ड लेकर आए। जस्टिस माथुर ने जब उनसे पूछा कि कब से बुलाया जा रहा है, अब तक क्यों नहीं उपस्थित हुए? इस पर मेहरड़ा ने कहा कि पंचायत चुनाव थे। इतना कहते ही जस्टिस माथुर ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, चुनाव का मतलब यह है कि दुनिया के सारे काम बंद हो जाएंगे? काम नहीं करना चाहते हो, बस हर बार तारीख ले लो। जब रिकॉर्ड के बारे में पूछा तो सीईओ ने कहा- जो मिला सो लाया। इस पर कोर्ट ने जबर्दस्त फटकार लगाते हुए कहा- निकम्मेपन की भी कोई सीमा होती है, बस आराम से घूम रहे हैं। कबाड़ी की दुकान है क्या, जो मिला सो लेकर गया।
एकलाख रुपए की कॉस्ट का सुन बंधी घिग्घी
दोनोंपंचायत समितियों के प्रधानों से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा कंसर्न लेने संबंधी कागज गुरुवार को भी पेश नहीं किए जाने पर भी कोर्ट ने डांट लगाई। सीईओ के लापरवाहीपूर्ण रवैये पर एक लाख रुपए की कॉस्ट लगाने की बात कही तो सीईओ मेहरड़ा की घिग्घी बंध गई। काफी आग्रह करने और लिखित में माफी मांगने पर जस्टिस माथुर ने अपना रवैया थोड़ा नरम करते हुए भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं बरतने के लिए पाबंद किया। साथ ही रिकॉलिंग प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता निर्मला विश्नोई के तबादले को निरस्त करने के आदेश को विड्रा कर दिया।