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- स्कूल में कम अटेंडेंस पर अधिकारी ने कारण पूछा तो टीचर्स बोलीं बच्चों को घर घर जाकर लाना पड़ता है
स्कूल में कम अटेंडेंस पर अधिकारी ने कारण पूछा तो टीचर्स बोलीं- बच्चों को घर-घर जाकर लाना पड़ता है
रेलवेरनिंग शेड राउप्रा स्कूल के बच्चों को पढ़ाई-लिखाई में इंट्रेस्ट ही नहीं है। इस सरकारी स्कूल को नियमित चलाने के लिए घर-घर जाकर बच्चों को एकत्रित कर स्कूल तक लाना पड़ता है।
शिक्षा संबल अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे प्रोटोकॉल अधिकारी महेंद्र प्रतापसिंह ने स्कूल में कम बच्चे दिखने पर अध्यापिकाओं से पूछा तब उन्होंने जवाब में ये बात कही। अध्यापिकाओं ने बताया कि वे रोजाना निर्धारित समय से पहले आती हैं। अपना पर्स इत्यादि रखने के बाद रेलवे कॉलोनी में घर-घर घूम कर बच्चों को साथ लाकर पढ़ाती हैं। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका रेनू रानी शर्मा, उर्मिला गौड़, मधु चारण, नाहीद परवीन, गजेसिंह चौहान, पीटीआई जगमोहन सांखला सहित समस्त स्टाफ मौजूद थे।
एडीएम सिटी दुर्गेश बिस्सा राउप्रावि चांद बावड़ी में अभियान के तहत निरीक्षण करने पहुंचे। वहां नामांकित 69 में से 43 बच्चे उपस्थित मिले। बिस्सा ने पूछा, बाकी बच्चे कहां हैं? टीचर्स ने कहा- आज तो इतने ही आए हैं। बिस्सा ने उपस्थिति ठीक करने के निर्देश दिए। इधर शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी अरविंद व्यास लूणी के राप्रावि पुरोहितों का बास फींच पहुंचे। उन्हें यहां 61 में से 44 बच्चे उपस्थित मिले। व्यास ने कम उपस्थिति के बारे में टीचर्स से पूछा तो उन्होंने कुछ बच्चों के बीमार होने की बात कही।
8वीं के बच्चों को नहीं पता देश का प्रधानमंत्री कौन
ओसियां स्थित राउप्रावि कुम्हारों की ढाणी हरिपुरा स्कूल में शिक्षा संबल अभियान के तहत गुरुवार को निरीक्षण करने गए डीईओ लीगल अशोक विश्नोई ने 8वीं कक्षा के बच्चों से जब देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम पूछे तो किसी ने भी सही नहीं बताए। अधिकांश बच्चे नाम नहीं बता सके, कुछ ने बताए वो भी गलत। इस पर डीईओ लीगल ने टीचर्स को बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रार्थना सभा के बाद प्रयास करने की हिदायत दी। यहां करीब 80 प्रतिशत बच्चे उपस्थित पाए गए।