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जोधपुरी अचकन, सिल्क की धोती और पगड़ी पहनेगा रावण
हुआ यह कि स्टैंड पर खड़ा करते समय रावण गिर गया। उसके दसों सिर कट गए। दोनों हाथ पसलियां टूट गई। रावण के वंशजों ने पुतल विधान कर मोक्ष दिलाया।
जेसीबी से गिराना पड़ा पुतला
वर्ष 2008
परंपरागत लीक से हटकर इस बार रावण का पुतला लोहे के फ्रेम में खड़ा किया गया। इससे वह आकर्षक नहीं रहा। दहन के बाद स्टैंड पर खड़ा रावण का फ्रेम नहीं गिरा तो नगर निगम ने जेसीबी से गिराया।
वो तीन चर्चित दशहरे जिन्हें शहरवासी आज भी नहीं भूले
रावण परिजनों के पुतले एक के बाद एक तेज धमाके के साथ जलेंगे। रावण के नौ सिर एक-एक कर फटेंगे। एक-एक कर 99 आग के गोले निकलेंगे। आंखों से अंगारे बरसेंगे। नाभि में अग्नि बाण लगते ही हाथ में थामी चकरी घूमने लगेगी। विशेष आतिशबाजी भी होगी।
69000
हजार रु पिछली बार की तुलना में बचेंगे
ऐसा होगा इस बार रावण
1.11
लाखरुपए होंगे खर्च
20
फीटघेरा
75
फीटऊंचा
परिजन
मेघनाद,कुंभकर्ण शूर्पणखा और ताड़का के पुतले भी मारवाड़ी पोशाक होंगे।
पहनावा
अचकन,सिल्क धोती जूतियां पहनाई जाएंगी। लंबी मूंछ, सिर पर पगड़ी होगी।
दहन
तीनअक्टूबर को गोधूलि वेला में रावण उसके परिवार का दहन होगा।
जब रावण की कमर टूट गई
वर्ष 2006
इस बार 40 फुट रावण का पुतला बनाया गया। कारीगरों ने जब उसे खड़ा किया तो वह नीचे गिर गया। ऐसे में उसकी कमर टूट गई। जैसे-तैसे क्रेन की मदद से पुतला खड़ा किया गया और दहन हुआ।
खासियत
51000
रुपए आतिशबाजी पर खर्च किए जाएंगे