जोधपुर/जयपुर. वरिष्ठ शिक्षक पद पर पदोन्नति के बाद भी नए स्थान पर कार्यग्रहण नहीं करने के मामले को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। ऐसे शिक्षकों को अब 14 फरवरी तक कार्यमुक्त होना है और 24 फरवरी तक कार्यग्रहण करना होगा। इस तिथि तक पदोन्नत शिक्षक अगर कार्यमुक्त नहीं हुआ तो जिला शिक्षा अधिकारी को संस्था प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है।
सीधी भर्ती से चयनित किसी वरिष्ठ अध्यापक ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है तो उसे भी 24 फरवरी तक अपने पदस्थापित स्थान पर ज्वाइन करना होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उसका चयन निरस्त किया जा सकेगा। विभाग का कहना है कि आचार संहिता खत्म हो गई है। शिक्षकों को अब ज्वाइन करने में कोई अड़चन नहीं है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि 24 फरवरी तक पदोन्नत शिक्षक ने कार्यग्रहण नहीं किया तो उसकी पदोन्नति निरस्त कर दी जाएगी। पिछले दिनों शिक्षा विभाग को 8 हजार वरिष्ठ अध्यापक सीधी भर्ती से और 9 हजार वरिष्ठ अध्यापक पदोन्नति से मिले थे।