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कम जमीन के प्रस्ताव से अटका सिविल एयरपोर्ट का विस्तार

7 वर्ष पहले
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जोधपुर. सिविल एयरपोर्ट विस्तार में पहले से चार माह की देरी हो चुकी है और अब राज्य सरकार व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) नहीं चेते तो मामला चार माह के लिए और अटक सकता है। कारण कि फरवरी मध्य या मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लग जाएगी। एयरपोर्ट विस्तार का मामला अब तीन स्तर पर लंबित है। पहला राज्य सरकार के स्तर पर एमओयू का ड्राफ्ट तैयार होना है, दूसरा एएआई की दुबारा प्लानिंग तैयार नहीं है और तीसरा रक्षा मंत्रालय के स्तर पर अधिक जमीन देने पर सहमति नहीं बन सकी है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने ज्यादा जमीन मांगी, लेकिन वायुसेना देना नहीं चाहती

राज्य सरकार: एमओयू का पहला ड्राफ्ट नामंजूर, नया दुबारा प्लानिंग आने पर बनेगा
जयपुर में गत वर्ष 12 सितंबर को तत्कालीन मुख्य सचिव सीके मैथ्यू की अध्यक्षता में हुई बैठक में 37 एकड़ यानी 100 बीघा जमीन पर मौजूदा एयरपोर्ट विस्तार की सहमति बनी थी। जमीन का आदान-प्रदान करने के लिए एयरफोर्स व राज्य सरकार के बीच एमओयू के लिए सात दिन में ड्राफ्ट तैयार होना था। प्रशासन ने गत 23 सितंबर को ड्राफ्ट तैयार कर भेज दिया था। इस बीच एएआई के 37 एकड़ जमीन को अपर्याप्त बताने के कारण ड्राफ्ट स्वीकृत नहीं हुआ। अब नई प्लानिंग आने के बाद ही प्रशासन नया ड्राफ्ट बनाकर जयपुर भेजेगा।

एयरपोर्ट अथॉरिटी: 37 की बजाय 60 एकड़ जमीन मांगने से दुबारा नहीं बनी प्लानिंग
जयपुर में एएआई ने 37 एकड़ जमीन पर सहमति जताई थी, लेकिन बाद में एएआई मुख्यालय ने इसकी प्लानिंग तैयार की। इस दौरान 37 एकड़ जमीन को विस्तार के लिए कम बताते हुए एयरफोर्स से ज्यादा जमीन देने की मांग की गई। एएआई का कहना है भविष्य की जरूरतों को देखते हुए करीब 60 एकड़ जमीन की जरूरत है। एयरफोर्स 37 के साथ 10 एकड़ जमीन और दे तो 47 एकड़ जमीन होगी। एएआई के पास अभी 13 एकड़ जमीन है। इससे कुल 60 एकड़ जमीन हो जाएगी। इसके लिए एएआई ने प्रशासन को दुबारा प्लानिंग बनाकर नहीं दी है।

एयरफोर्स: अपनी जरूरतें बता कर ज्यादा जमीन देने से मना कर रही है वायुसेना
एएआई ने कुल 80 एकड़ जमीन मांगी थी, लेकिन एयरफोर्स 37 एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं देना चाहती। एयरफोर्स का कहना है कि इस जमीन पर टर्मिनल बिल्डिंग और अन्य जरूरतें पूरी हो जाएंगी। कर्मचारियों के लिए कॉलोनी अन्य जमीन पर बसाई जा सकती है। अपनी जरूरतें बता कर वायुसेना ज्यादा जमीन देने से मना कर रही है।

॥एयरपोर्ट विस्तार के लिए एएआई ने 80 एकड़ जमीन मांगी थी, इसमें से 37 एकड़ जमीन देने पर सहमति बनी। अब एएआई ज्यादा जमीन मांग रहा है। इसके लिए उनसे नई प्लानिंग मांगी गई है। इसके बाद जयपुर में बैठक कर इसका समाधान किया जाएगा। गौरव गोयल, कलेक्टर

॥एयरफोर्स 37 एकड़ जमीन दे रहा है, उस पर एयरपोर्ट का विस्तार संभव नहीं है। भविष्य की जरूरतों के लिए और ज्यादा जमीन की जरूरत है। एयरफोर्स अपनी दस एकड़ जमीन और दे तो बात बन सकती है। इसके लिए बातचीत चल रही है। ओपी शर्मा, कार्यवाहक निदेशक, सिविल एयरपोर्ट

॥प्रशासन की ओर से एमओयू का ड्राफ्ट एयरफोर्स को नहीं मिला है। इसके बाद ही इसे एयरफोर्स मुख्यालय भेजा जाएगा। सिविल एयरपोर्ट विस्तार के लिए 37 एकड़ जमीन पर्याप्त है।
कर्नल एसडी गोस्वामी, रक्षा प्रवक्ता