जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल से सरकारी सप्लाई के एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन निजी मेडिकल स्टोर पर बेचे जाने के मामले में बुधवार को अस्पताल प्रशासन की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को सौंप दी। उन्होंने यह रिपोर्ट आगे सरकार को भेज दी है। इस जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एएसवी बाजार में बिकने के लिए कौनसे वार्ड या काउंटर पर से गए। यह भी नहीं पता चला कि ये इंजेक्शन किस मरीज के बचे थे। जबकि आरोपी नर्सिंगकर्मी राजेश राव ने बयान दिया था कि मेडिकल बी वार्ड के एक मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु होने पर ये इंजेक्शन बचे थे। दूसरी ओर इस वार्ड से आई रिपोर्ट में कोई भी इंजेक्शन बचना नहीं बताया है, साथ ही बचे हुए 23 इंजेक्शन दुबारा डीडीसी पर जमा कराने की रसीद भी संलग्न की गई है।
आरोपियों के बयान बिना दे दी रिपोर्ट
जांच में आरोपी संविदा नर्सिंगकर्मी राजेश राव व फार्मासिस्ट संजय सिंह के पुलिस कस्टडी में होने के कारण बयान दर्ज नहीं हो पाए। इसलिए उनके बयान के बगैर रिपोर्ट सौंपी गई है। चिकित्सा शिक्षा के संयुक्त सचिव डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट आने के पहले ही कार्रवाई कर दी गई है। उनको पहले ही निष्कासित किया जा चुका है। अब चोरी का मामला दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है। दूसरी ओर नर्सेज की तीनों यूनियन के नेताओं ने अधीक्षक डॉ. दीपक वर्मा से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।