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आलीशान महलनुमा कुटिया में आसाराम करते थे एकांतवास, जानिए इनका सच

आसाराम जब से गिरफ्तार हुए हैं तब से सबसे ज्यादा उनके एकांतवास और ध्यान कुटिया के बारे में ही चर्चा होती है।

Danik Bhaskar | Oct 03, 2013, 12:07 AM IST
जोधपुर। नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। आए दिन उनके बारे में कोई न कोई नया खुलासा हो रहा है। मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने उनके बारे में नया खुलासा किया। सरकारी वकील के अनुसार आसाराम को पीडोफीलिया नामक बीमारी है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति बच्चों के यौन शोषण में दिलचस्पी रखता है। वैसे आसाराम जब से गिरफ्तार हुए हैं तब से सबसे ज्यादा उनके एकांतवास और ध्यान कुटिया के बारे में ही चर्चा होती है।
एकांतवास के दौरान आसाराम जिन स्थानों पर जाते थे उन्हें वो ध्यान कुटिया कहते थे। ऐसी एक दो नहीं कई ध्यान कुटिया आसाराम के लिए अलग-अलग शहरों में बनाई गई थी। अब यही एकांतवास और उनकी ध्यान कुटिया ही उनकी सबसे बड़ी मुसीबत की वजह बन गया है। एकांतवास के दौरान ध्यान कुटिया में आसाराम द्वारा यौन शोषण करने के आरोप के चलते ही अपने दिन जेल की सलाखों के पीछे गुजारने पड़ रहे हैं।
आइये स्लाइड्स के साथ जानते हैं आसाराम एकांतवास के ठिकानों के बारे में, साथ ही जानते हैं एकांतवास के बहाने आखिर क्या होता था इन ठिकानों पर।

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आसाराम को एकांतवास की जरूरत क्यों पड़ती थी? एकांतवास में वो ऐसा क्या करते थे, जो अपने भक्तों और साधकों के बीच नहीं कर सकते थे? एकांतवास में खलल पड़ने पर आसाराम ग़ुस्सा क्यों हो जाते थे? जोधपुर पुलिस की मानें तो ये एकांतवास तो सिर्फ एक बहाना था दरअसल इसकी आड़ में आसाराम का खेल पुराना था। आसाराम के एकांतवास के कई ठिकाने थे। जहां एक नाबालिग का यौन शोषण करने के मामले में आसाराम पकड़े गए हैं। इसके बाद उनके इन ठिकानों के बारे में एक के एक कई सच बाहर आए हैं। 
 
आगे जानिए आसाराम के इन ठिकानों के बारे में
 
 
 


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आसाराम का पहला ठिकाना जोधपुर में स्थित है। जोधपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर मढ़ई कुटिया है। इसी कुटिया में 15 अगस्त को नाबालिग का यौन शोषण करने का आरोप आसाराम पर लगा है। आसाराम की यह कुटिया खेतों के बीच स्थित है। जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में स्थित यह एक आलीशान फॉर्म हाउस है। यह फॉर्म हाउस यहां से गुजरने वाले हर शख्स का ध्यान एक बार अपनी ओर खींचता है, लेकिन आसाराम और उनके खास लोग इसे ध्यान की कुटिया कहते हैं। 

 

 

 

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आसाराम पर इसी ध्यान की कुटिया में 15 अगस्त को अनुष्ठान के नाम पर नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने का आरोप है। वैसे आसाराम का आश्रम जोधपुर में भी मौजूद है, लेकिन जोधपुर से दूर इस ग्रामीण इलाके में आसाराम अक्सर एकांतवास के नाम पर आकर ठहरते हैं। इस एकांतवास कुटिया में आम लोगों का आना-जाना तो दूर, पास से गुजरना भी मना है। 

 

 

 

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 आसाराम के एकांतवास की दूसरी कुटिया इंदौर में हैं। कहते हैं यह कुटिया सरकारी जमीन पर बनी है। ध्यान लगाने के लिए बनाई गई इस कुटिया(इमारत) के पास एक शानदार स्वीमिंग पुल भी बना है। इसके चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। भगवान की भक्ति के लिए बनाई गई इस कुटिया में स्वीमिंग पुल और सीसीटीवी कैमरे जैसी ऐशो-आराम और खास हिफाजती इंतजाम समझ से परे हैं। 
 
 
 

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आसाराम की तीसरी कुटिया उनके जेल जाने के बाद बंद पड़ी है। यह ध्यान की कुटिया भी अपने-आप में कई रहस्य समेटे है। राजस्थान आने पर आसाराम अक्सर इस कुटिया में आकर रुकते थे। आसाराम के प्रवास के दिनों में आम लोग तो दूर, साधारण साधकों को भी उनकी इस कुटिया के आस-पास फटकने की इजाजत नहीं होती थी। यौन शोषण के इल्जाम से घिरने से पहले 4 और 5 अगस्त को भी आसाराम ने इसी एकांतवास की कुटिया में वक्‍त गुज़ारा था।

 

 

 

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एकांतवास की कुटिया नंबर चार राजस्थान के पाली जिले में सिंचाई विभाग की जमीन बनी है। पहाड़ियों के बीच बने ये कमरे आसाराम तो नहीं, आसाराम के बेटे नारायण साईं के एकांतवास का वो ठिकाना है, जिसे दूर तो क्या, पास से भी देख कर समझना मुश्किल है कि यहां किसी के ठहरने का इंतजाम भी हो सकता है. यह कमरे अब बेशक खस्ता हाल हो, लेकिन एक वक्त ऐसा था, जब नारायाण साईं अक्सर यहां आकर वक्‍त गुजारा करते थे। कहा जाता है 2000 से 2007 के दौरान नारायण साईं अक्सर यहां आया जाया करते थे। 

 

 

 

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यौन शोषण के मामले की जांच कर रही जोधपुर पुलिस की मानें तो ये सब लड़कियों के साथ ज्‍यादती करने का आसाराम को वो हथकंडा है, जिसकी बदौलत आसाराम कई लड़कियों को अपने सामने समर्पण के लिए मजबूर किया। साधना और समर्पण के नाम पर लड़कियों से नजदीकियां बढ़ाने के मुलजिम आसाराम ने इस लड़की को भी इलाज के बहाने पर जोधपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर मढ़ई कुटिया नाम के ऐसे ही एकांतवास वाली जगह पर बुलाया था, लेकिन वहां बंद कमरे में इस लड़की के साथ जो कुछ हुआ, उसे आसाराम को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
 
 

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