जोधपुर। पुलिस शहर में कार टैक्सियों व ऑटो रिक्शा चालकों का वेरिफिकेशन करेगी। कमिश्नर अशोक राठौड़ ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। राठौड़ के मुताबिक ऑटो चालक कई तरह की आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं, ऐसे में थाना क्षेत्रवार सभी की जांच होगी।
गौरतलब है कि दिल्ली में विदेशी कंपनी उबर की कैब के ड्राइवर द्वारा एक युवती से दुष्कर्म की घटना के बाद पूरे देश में कैब ड्राइवरों की जांच-पड़ताल का सिलसिला शुरू हुआ है। इसलिए जोधपुर में सिटी ट्रांसपोर्टेशन में सर्वाधिक काम में आने वाले ऑटो रिक्शा के चालकों का वेरिफिकेशन होगा।
दरअसल शहर में व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए पुलिस के चरित्र प्रमाण पत्र की अनिवार्यता दो साल पहले ही लागू हुई है। इससे पहले बड़ी संख्या में लाइसेंस पुलिस प्रमाण पत्र के बिना जारी हो चुके हैं। वेरिफिकेशन से उनकी भी जांच हो जाएगी।
ऑटो चालकों का वेरिफिकेशन इसलिए
विदेशी महिला पर्यटक से दुष्कर्म किया, एमएलए का बैग भी उड़ाया
जोधपुर में कई ऑटो चालकों की आदतन मारपीट, छीना-झपटी सहित कई आपराधिक घटनाओं में लिप्तता पाई गई है। जर्मन महिला पर्यटक के साथ ऑटो चालकों द्वारा दुष्कर्म की घटना शहर में हो चुकी है। पिछले वर्ष रेलवे स्टेशन के सामने से शहर विधायक कैलाश भंसाली का बैग भी ऑटो चालक ने ही उड़ाया था। पिछले साल देर रात रेलवे स्टेशन से घर जा रहे एक यात्री के साथ ऑटो चालक ने खतरनाक पुलिया के पास मारपीट कर उसे लूटने की कोशिश की थी। पुलिस का मानना है कि इन घटनाओं को देखते हुए और इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए वेरिफिकेशन जरूरी है।
फोटो- ऑटो रिक्शा, विभाग के होलोग्राम लगे ऑटो में बैठें
> आरटीओ एमएल नेहरा के अनुसार शहर में डीजल से चलने वाले 4 हजार 672 ऑटो पर होलोग्राम लगाए हैं। होलोग्राम में विभाग का प्रतीक चिह्न व नंबर अंकित है।
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