जोधपुर. उम्मेद हॉस्पिटल में किट की कमी से निशुल्क जांच योजना में माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री के 12 से ज्यादा टेस्ट नहीं हो रहे। करीब तीन माह से कई जांच नहीं होने से मरीज निजी लैब या एमजीएच जाने को मजबूर हैं। ऐसे में उन्हें परेशानी उठाने के साथ ही मुफ्त जांचों का निजी केंद्रों पर पैसा देना पड़ रहा है। एचबीएसएजी, डेंगू, मलेरिया, एचआईवी, इलेक्ट्रोलाइट और कैल्शियम सहित कई जांच उम्मेद हॉस्पिटल में नहीं होने से रोगियों के सैंपल महात्मा गांधी अस्पताल की लैबोरेट्री में भेजे जा रहे हैं। इससे एमजीएच में दबाव बढ़ गया है और व्यवस्थाएं गड़बड़ा रही है।
तीन माह से किट की कमी से जूझ रहा अस्पताल
तीन माह से अधिक समय से उम्मेद हॉस्पिटल से सैंपल एमजीएच आने से वहां की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। उनके किट का स्टॉक खत्म होने से एचबीएसएजी और एचसीवी की जांच बंद हो गई है। एमजीएच की लैबोरेट्री में तीन सौ से अधिक सैंपल रोजाना बढ़ गए हैं। इधर एमजीएच अधीक्षक डॉ. पीसी व्यास का कहना है कि किट खत्म हो गए थे, इससे तीन दिन तक कुछ जांचें बंद थी, किट आ गए हैं।
किट नहीं होने से बंद हैं जांचें
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुराग सिंह से सीधी बात
अस्पताल में तीन माह से कई प्रमुख जांच बंद हैं?
किट नहीं होने से कुछ जांच बंद हैं।
जांच बंद है तो किट क्यों नहीं खरीदे जा रहे?
किट खरीद के लिए सरकार से एनओसी लेनी होती है, उसके लिए सरकार को लिखा है।
एमजीएच व एमडीएमएच में तो तुरंत खरीद हो जाती है, उम्मेद हॉस्पिटल में क्यों नहीं?
आरएमएस के तहत रेट काॅन्ट्रेक्ट की एनओसी उनको मिल गई होगी। हमें नहीं मिली।