जोधपुर। क्या अकाल मृत्यु का शिकार हुए आदमी की आत्मा कभी दूसरे की जान बचाने के प्रयास कर सकती है ? अक्सर इस बात का जबाव नहीं में ही मिलता है। पर राजस्थान के पाली नामक स्थान पर सड़क हादसे में मारे गए एक आदमी की आत्मा उस स्थान से निकलने वालों को सही तरीके से वाहन चलाने की सीख देती है या उन्हें दुर्घटना से बचाती है। इस तरह की तमाम घटनाओं के साक्षी बने लोगों ने करीब डेढ़ दशक पहले इस स्थान पर हादसे में मारे गए व्यक्ति का मंदिर बनवा दिया है। मंदिर में उसकी बुलेट की पूजा की जाती है।
दुनियाभर में आपने तमाम तरह के मंदिरों के बारे में सुना होगा। राजस्थान के पाली में एक ऐसा मंदिर है जो विश्वभर में अकेला ही है। इस मंदिर सकुशल यात्रा के लिए बाइक की पूजा की जाती है। यह हैं बुलेट बाबा का मंदिर या ओम बना का स्थान।
बाइक के आगे झुकाते हैं सिर
जोधपुर से 50 किलो मीटर दूर जोधपुर-पाली हाईवे पर चोटिला गांव के पास ही है बुलेट बाबा का मंदिर या ओम बना का स्थान। यहां पर एक पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर ओम बना तस्वीर लगी हुई हैं। सामने अखंड ज्योति जलती रहती हैं। पेड़ के समीप ही बुलेट 350 बाइक खड़ी हैं। इस रूट से गुजरने वाला हर वाहन चालक यहां रूककर मंदिर में मत्था टेक कर ही आगे जाता है।
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