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इशरो की कामयाबी मंगल पर और जोधपुर में मना मंगल विजय का जश्न

7 वर्ष पहले
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(यान के मंगल की कक्षा में प्रवेश करते ही वैज्ञानिक झूम उठे।)
जोधपुर. पहले ही प्रयास में सैटेलाइट को मंगल ग्रह की कक्षा में स्थापित करने की उपलब्धि को दर्शाने के लिए इसरो ने सभी रीजनल सेंटर्स को बुधवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा था। जोधपुर में काजरी स्थित इसरो के प्रादेशिक सुदूर संवेदन केंद्र और वैज्ञानिक, तकनीकी स्टाफ भी इस सफलता के साक्षी बने। सुबह 6 बजे से ही वैज्ञानिक, तकनीकी स्टाफ जुटना शुरू हो गए थे। रीजनल सेंटर के डायरेक्टर एटी जयसीलन ने सभी साथियों को इसरो की कामयाबी की मुबारकबाद दी। जयसीलन ने बताया कि यह सफलता बहुत बड़ी है। इस सफलता के बाद स्पेस इंडस्ट्री में भारत ने कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
जोधपुर में भूजल शोध में महत्वपूर्ण भूमिका
इसरो का जोधपुर में रीजनल सेंटर है। यह क्षेत्र में खनिज तत्वों, भूजल शोध आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा यह इसरो की ओर से किए जाने वाले विभिन्न शोध का विश्लेषण कर उनकी रिपोर्ट तैयार करता है। यह सेंटर सरस्वती नदी की खोज से संबंधित कई महत्वपूर्ण शोध भी कर चुका है। अब मंगलयान के आंकड़े जुटाकर उनका अध्ययन करेगा। जोधपुर में इसरो के डायरेक्टर और एक अन्य वैज्ञानिक हैं। इसके अलावा टेक्निकल स्टाफ है।
फ्यूचर प्लान- वर्तमान में यह सेंटर काजरी में चल रहा है, लेकिन भविष्य में यह सेंटर कुड़ी में स्थापित होगा। दावा किया जा रहा है कि इसके शुरू होने के बाद यहां साइंस पार्क बनेगा। साथ ही जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम भी काम करेगा।
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