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अस्पताल में बेटा होने का दावा कर प्रसूता के परिजनों ने किया हंगामा

6 वर्ष पहले
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जोधपुर। उम्मेद अस्पताल में शनिवार को सीजेरियन डिलीवरी के बाद ऑपरेशन थिएटर से बाहर आई एक प्रसूता ने डॉक्टर व स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन ने नवजात बच्ची व प्रसूता का ब्लड टेस्ट करवाया, जिसमें दोनों का ब्लड ग्रुप समान पाया गया। इसके बाद रविवार को अस्पताल पहुंचे करीब डेढ़ सौ परिजनों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल चौकी की पुलिस ने समझाइश कर उन्हें शांत करवाया। फिर अस्पताल प्रबंधन ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया।
इधर, परिजनों ने खांडा फलसा पुलिस थाने में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि खेतानाडी , मंडोर निवासी शबाना पत्नी मोहम्मद सैफ के शनिवार दोपहर 2:10 बजे सीजेरियन डिलेवरी में लड़की पैदा हुई। शबाना के पेट में पानी अधिक होने के कारण उसे ओटी में ही रखा गया। इस दौरान दोपहर 2:52 बजे एक अन्य महिला फलसूंड निवासी ओमी पत्नी जीवाराम के लड़का हुआ। इसके बाद दोनों को पौने चार बजे ओटी से बाहर लाया गया। बाहर आते ही शबाना व परिजनों ने बच्चा बदलने की बात पर हंगामा शुरू कर दिया।

लड़की ही हुई, फिर जांच करवा रहे हैं
'भर्ती टिकट व रिकॉर्ड के अनुसार लड़की ही हुई है। परिजनों की शिकायत पर ब्लड टेस्ट करवाया। जिसमें मां व नवजात बच्ची का ब्लड ग्रुप एक ही मिला। फिर भी डॉ. प्रमोद शर्मा की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है।' - डॉ. अनुरागसिंह, अधीक्षक, उम्मेद अस्पताल
प्रबंधन ने कहा- ऑपरेशन के समय होश में नहीं होती प्रसूता | ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन के समय प्रसूता होश में नहीं होती है। उसे कैसे बता सकते है कि लड़का हुआ है या लड़की? उम्मेद पुलिस चौकी प्रभारी रघुवीरसिंह के अनुसार ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर रेखा जाखड़ ने बच्ची होना ही बताया है।