जोधपुर.शहर में अपना कारोबार फैला रहे सटोरियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त कानून का सहारा लेना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम को पुलिस की स्पेशल टीम ने झालामंड के मीरा नगर में स्थित एक मकान पर दबिश देकर राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर डेढ़ करोड़ का सट्टा पकड़ा। पुलिस टीम ने यहां से पांच सटोरियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने पहली बार इस तरह के मामले में आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी है। इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर ने गत 18 अप्रैल को ‘200 करोड़ की सूदखोरी, कानून-पुलिस लाचार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर सट्टे व जुए की वजह से बढ़ते अपराध और ऐसे मामलों में सजा नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
डीसीपी (पश्चिम) अजयपाल लांबा ने बताया कि शहर में सट्टे व जुए की वजह से कई तरह के अपराध भी पनपते हैं। इसकी मुख्य वजह सट्टे व जुए लगाते हुए पकड़े जाने वाले बदमाश जुर्माना देकर छूट जाते हैं। सट्टे के कारोबार में सूदखोरी की जानकारी भी पिछले कुछ समय से सामने आ रही थी। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश सभी थानाधिकारियों को दिए गए थे। गुरुवार शाम को स्पेशल टीम को सूचना मिली कि झालामंड के मीरा नगर में रहने वाले विजय प्रजापत के यहां क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाया जा रहा है।
पुख्ता जानकारी के आधार पर स्पेशल टीम के प्रभारी राजवीर सिंह, रातानाडा एसएचओ सुगन सिंह और कुड़ी थानाधिकारी रामदेव की संयुक्त टीम ने विजय के मकान पर दबिश दी। यहां राजस्थान रॉयल्स व किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच पर सट्टा लगा रहे झालामंड बनावड़ियों की ढाणी निवासी अशोक प्रजापत पुत्र गिरधारी लाल, झालामंड निवासी विनोद प्रजापत पुत्र बस्तीराम, विजय प्रजापत पुत्र चिमनाराम, श्रवण प्रजापत पुत्र नारायणराम और शेरसिंह पुत्र अमरसिंह को गिरफ्तार किया।
तलाशी में पुलिस टीम को आरोपियों के कब्जे से सट्टे की रकम 72,000 रुपए, 9 मोबाइल, एक टीवी, व चार्जर और डेढ़ करोड़ रुपए के सट्टे के लेनदेन का हिसाब मिला। उनकी दो कार भी जब्त की गई है। पुलिस टीम में शामिल कांस्टेबल उमेश यादव, अमराराम, जमशेद, छोटाराम, भीमसिंह, हरिराम, कृष्णचंद, दिलीपसिंह, शियाराम, महीपाल, दिनेश व कालूपुरी को पुलिस उपायुक्त की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।
फलौदी का मुख्य सटोरिया भी होगा नामजद
स्पेशल टीम के प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि सट्टे के कारोबार में मोबाइल फोन का दुरुपयोग किया जाता है। यह कृत्य आईटी एक्ट के तहत आता है। ऐसे मामलों में आरोपियों को तीन साल तक की सजा दिए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही इन सटोरियों को लाइन उपलब्ध करवाने वाले फलौदी के एक सटोरिए को भी प्रकरण में नामजद किया जा रहा है। साथ ही अवैध गतिविधियां संचालित करने के लिए मकान उपलब्ध करवाने वाले मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सट्टे की कार्रवाई में आईटी एक्ट की धाराएं जोड़ने का प्रदेश में यह पहला मामला है।