जोधपुर.हाईकोर्ट ने पूर्व नरेश गजसिंह और मरुधर होटल्स के विरुद्ध आयकर विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2005-06, 2006-07 व 2007-08 में एसेसमेंट किए गए मामलों को पुन: खोलते हुए भेजे गए करीब 4.5 करोड़ रुपए के डिमांड नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायाधीश डॉ.विनीत कोठारी ने मरुधर होटल्स और पूर्व नरेश गजसिंह की ओर से दायर छह याचिकाओं की सुनवाई के तहत दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से दिल्ली से आए अधिवक्ता अजय वोहरा और अधिवक्ता रमित मेहता ने कहा कि आयकर विभाग एक बार एसेसमेंट संपन्न करने के बाद उसी मामले को बिना किसी कारण पुन: नहीं खोल सकता।
साथ ही विभाग द्वारा जो नए कारण बताए गए हैं वे असत्य हैं और नोटिस बिना न्याय क्षेत्र के जारी किए गए हैं। आयकर विभाग ने आयकर नियम 1961 की धारा 148 के तहत छह मामलों में री-एसेसमेंट ऑर्डर पारित करते हुए तीन नोटिस मरुधर होटल्स और तीन डिमांड नोटिस पूर्व नरेश गजसिंह के नाम से जारी किए थे।