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डाउनलोड करेंजोधपुर. जेएवीयू में इंजीनियरिंग संकाय के गल्र्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए हॉस्टल व उसके आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शनिवार को कार्यवाहक कुलसचिव रामनिवास चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इस संबंध में संकाय के डीन प्रो. डीजीएम पुरोहित ने सुझाव दिया था, जिसे कुलपति प्रो. बीएस राजपुरोहित ने मंजूरी दे दी। ज्ञात रहे कि दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार के आधार पर हाईकोर्ट ने प्रसंज्ञान लेते हुए हाल ही में विवि को छात्राओं की सुरक्षा के लिए माकूल व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के गल्र्स हॉस्टल की छात्राओं ने सीएम, कुलपति, कुलसचिव व छात्रसंघ अध्यक्ष को पत्र भेजकर उत्पाती छात्रों की शिकायत की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने कड़े निर्देश देते हुए विवि से जवाब मांगा है।
सोमवार को विश्वविद्यालय जवाब प्रस्तुत करेगा। हॉस्टल गल्र्स की शिकायत के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज के डीन प्रो. डीजीएम पुरोहित ने क्लोज सर्किट कैमरे लगाने का सुझाव दिया ताकि वहां आकर उत्पात मचाने वाले छात्रों व बाहरी लड़कों पर नजर रखी जा सके। शनिवार को कुलसचिव कार्यालय में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
कार्यवाहक कुलसचिव रामनिवास चौधरी ने बताया कि विवि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है तथा इंजीनियरिंग गल्र्स हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। दूसरे चरण में गल्र्स कॉलेज व अन्य स्थानों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डीन के दूसरे प्रस्ताव पर निर्णय लेते हुए इंजीनियरिंग संकाय के दो गल्र्स हॉस्टल को दो नए वार्डन लगाए गए है। पहले इन दो हॉस्टल की जिम्मेदारी एक अन्य हॉस्टल की महिला वार्डन के पास थी। जिससे छात्राओं को काफी परेशानी हो रही थीं।
डीन ने ये भी दिए सुझाव
सभी हॉस्टल के गेट पर प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड लगाए जाएं।
कॉलेज में केवल पांच बत्ती चौराहे वाले गेट से ही एंट्री दी जाए।
गेट के पास ही पार्किंग की जाए, उससे आगे वाहन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाए।
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