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बजट पर लगी हैं जोधपुर की बड़ी उम्मीदें

9 वर्ष पहले
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:रिफाइनरी की घोषणा हो तो एक यूनिट जोधपुर में भी लगे
:सोलर हब तो बन गया केंद्र सोलर पॉलिसी बना दे
:इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना भी हो सकता है पूरा
जोधपुर.आम बजट पर यूं तो पूरे देश की नजर टिकी है, मगर जोधपुर की बात कुछ और है इसलिए बड़ी उम्मीदें भी बढ़ी है। जोधपुर संभवत: देश का पहला ऐसा जिला होगा जहां एम्स, आईआईटी, निफ्ड, एनएलयू, आयुर्वेद विश्व विद्यालय, पुलिस विश्व विद्यालय जैसे संस्थान और एयरफोर्स व आर्मी के हैडक्वार्टर एक जगह पर हैं। अब दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर से नया औद्योगिक शहर आकार लेगा, सोलर हब में उत्पादित ऊर्जा देश के कई गांवों को रोशन करेगी और रिफाइनरी की सौगात मिलने के बाद तो विकास की रफ्तार और तेज हो जाएगी।
रिफाइनरी: बाड़मेर-सांचौर बेसिन में 7.3 बिलियन बैरल तेल का भंडार जो 40 साल तक रिफाइनरी चला सकता है। मुख्यमंत्री इसके लिए अभी चांधण में प्रधानमंत्री से बात कर चुके हैं तथा पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली से भी। सरकार केंद्र पर पूरा जोर लगा रही है, इधर एचपीसीएल को 56 हजार करोड़ का पैकेज देने पर भी सहमत हो चुकी है। बाड़मेर में जमीन अधिग्रहण का काम भी काफी पहले शुरू हो गया। इससे उम्मीद कर सकते हैं कि बजट में रिफाइनरी की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री पॉलीप्रोपलीन उत्पाद की एक यूनिट जोधपुर में लगाने की बात कर चुके हैं।
इंटरनेशनल एयरपोर्टत्न राष्ट्रीय स्तर के एक दर्जन से अधिक संस्थाओं वाले जोधपुर शहर की सबसे बड़ी जरूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। दस साल बाद जब इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर का संपूर्ण विकास हो जाएगा तब देश भर के उद्योग-धंधे यहां होंगे। इस कॉरिडोर के अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट में एयरपोर्ट भी शामिल है। एयरफोर्स की आपत्ति के बाद एकमात्र विकल्प मौजूदा एयरपोर्ट के विकास का ही बचा। इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व केंद्रीय संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी रक्षा मंत्री एके एंटोनी से बात कर रहे हैं।
एयरपोर्ट अपनी जमीन का छोटा टुकड़ा एयरपोर्ट के लिए दे तो उसे बदले में निगम की बड़ी जमीन देने पर सहमति हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि बजट में यह जरूरत पूरी हो जाए।
2. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर- जोधपुर-पाली मारवाड़ के बीच प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर में नया औद्योगिक शहर आकार लेगा। केंद्र सरकार ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 5 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने पिछले साथ जोधपुर में बताया था 10 हजार हैक्टेयर में बनने वाले औद्योगिक शहर के लिए ढाई सौ करोड़ रुपए अगले पांच साल के लिए निर्धारित किए हैं। उसके बाद जापानी कंसलटेंट ने सर्वे किया और जरूरतें देखी। कांकाणी से रोहट व मारवाड़ जंक्शन तक जमीन तय हो गई। आम बजट में पैसा मंजूर होने पर कॉरिडोर का काम शुरू हो सकता है। आने वाले वक्त में यह देश का दूसरा बड़ा औद्योगिक शहर बन सकेगा।
4. सोलर हब को एनर्जी- जोधपुर यानि सूर्यनगरी। तेज किरणों और भीषण गर्मी, ऊर्जा के नए आयाम स्थापित कर रही है। सोलर हब के रूप में विकसित हो चुके जोधपुर में 74 मेगा वाट के 9 प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं तथा 21 प्रोजेक्ट पाइप लाइन में है। अप्रैल-मई तक इनमें से कुछ प्रोजेक्ट से 174 मेगा वाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
जवाहर लाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन के तहत जोधपुर में सोलर एनर्जी डवलपमेंट किया जा रहा है। जनवरी 12 में केंद्रीय गैर परंपरागत ऊर्जा मंत्री फारूख अब्दुल्ला ने 5 मेगावाट के प्लांट का उद्घाटन किया था तब उन्होंने इस एरिया को विकसित करने का वादा किया था। आम बजट में सोलर हब की पॉलिसी और डवलपमेंट फंड की उम्मीद भी यह जिला कर रहा है।