जोधपुर. डांगियावास थाना क्षेत्र में जालेली बाइपास के पास गत माह एक ट्रेलर के टूल बॉक्स में शव मिला था। पुलिस की स्पेशल टीम ने आधुनिक गेजेट्स और
मोबाइल एप्स का इस्तेमाल कर हत्या का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी के साथी खलासी की तलाश में लगी हुई है। आरोपी ट्रक ड्राइवर व साथी खलासी ने महज 12 हजार रुपए के लिए ट्रक ड्राइवर को शराब में नींद की गोलियां मिलाकर हत्या कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि डांगियावास थाना क्षेत्र में जालेली बाइपास के पास गत माह 14 नवंबर को एक ट्रेलर के टूल बॉक्स में ड्राइवर का सड़ा-गला शव मिला था। पुलिस ने मृतक की पहचान पंजाब के अमृतसर में हरडकला निवासी बलविंदरसिंह (22) पुत्र चरणसिंह के नाम से हुई।
शराब में नींद की गोलियां मिलाने के बाद गला घोंट डाला
आरोपी ने पुलिस को बताया कि गुजरात से आते समय मेहसाणा के पास मृतक बलविंदर सिंह ने उनसे पिंडवाड़ा का रास्ता पूछा था। इसके बाद दोनों ही ट्रक चालक साथ-साथ 12 नंवबर को पालड़ी पहुंचे। जहां आरोपियों ने उसे शराब पिलाई। इस दौरान बलविंदर के पास पैसे देखकर उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने शराब में नींद की गोलियां मिला दी। बलविंदर सिंह के बेहोश होने पर आरोपी के साथी खलासी ने उसका ट्रक लेकर रात 11:15 बजे दोनों जालेली बाइपास पहुंचे।
यहां उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव ट्रेलर के टूल बॉक्स में रख दिया। आरोपियों ने उसकी जेब से 12 हजार रुपए, मोबाइल, कपड़े तथा गाड़ी की दो स्टेपनी, जैक, पाने, डीजल आदि लेकर अपनी गाड़ी के साथ बीकानेर की तरफ भाग गए। रास्ते में टूल का सामान बेचने से मिले 30 हजार रुपए आपस में आधे-आधे बांट लिए।
टेक्नोलॉजी के जरिए टोल प्लाजा व मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर आरोपियों को पकड़ा
पुलिस की स्पेशल टीम ने मामले की जांच करते हुए बड़ौदा से जोधपुर तक विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की तो एक गाड़ी संदिग्ध मिली। यह गाड़ी रास्ते में मृतक की गाड़ी के साथ-साथ चल रही थी। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी के नंबर से आरोपी की पहचान कर मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर पंजाब के तरणवारिया निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र बलवीर सिंह को रविवार रात पंजाब से गुजरात जाते समय खींवसर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस आरोपी के साथी खलासी की तलाश में लगी हुई है। हत्यारे को पकड़ने में डीसीपी (पूर्व ) राहुल जैन, एसीपी (मंडोर ) जसवंत सिंह, थानाधिकारी शंकरलाल, कांस्टेबल राजाराम, शेरसिंह, राकेश कुमार, जितेंद्र, गंगासिंह, रामचंद्र, रघुनाथराम की स्पेशल टीम ने सफलता प्राप्त की।`
फोटो- पुलिस हिरासत में आरोपी।