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'संविधान में राजनीतिक पार्टियों की व्यवस्था नहीं'

8 वर्ष पहले
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जोधपुर.अन्ना हजारे ने कहा है कि उनकी जनतंत्र यात्रा से वे अगले दो साल में देश में छह करोड़ लोगों को एकजुट करेंगे। इन लोगों के बूते पर देश को भ्रष्टाचार से निजात दिलाने के लिए जनलोकपाल विधेयक लागू करवाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे मानते हैं कि दो साल पहले दिल्ली में जो आंदोलन किया था, वही टीम अगर अब तक एकजुट रहती तो शायद जनता को अगले दो साल का इंतजार नहीं करना पड़ता? इसका जवाब देने के बजाय अन्ना हजार उखड़ गए। पत्रकारों पर पार्टी पक्ष का होने की बात कहकर बीच में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ कर रवाना हो गए।
सर्किट हाउस में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में उन्होंने कहा कि देश के संविधान में राजनीति पार्टियों की कोई व्यवस्था नहीं है। उनसे पूछा गया कि तो क्या वे अरविंद केजरीवाल की ‘आम आदमी पार्टी’ का भी विरोध करते हैं? जवाब में अन्ना ने केजरीवाल का नाम लिए बगैर कहा कि उन्होंने पार्टी क्यों बनाई? मैं तो कभी चुनाव नहीं लडूंगा और न ही जनतंत्र मोर्चा कोई चुनाव लड़ेगा। उन्हें राजनीति से परहेज नहीं है। राजनीति जनतंत्र के हिसाब से होनी चाहिए।
सितंबर में होगी जन-संसद
अन्ना हजारे ने बताया कि सितंबर में दिल्ली में जन-संसद का आयोजन होगा। उसमें शामिल होने वाले लोगों से पूछा जाएगा कि वे कैसा आंदोलन चाहते हैं? इसके बाद रूप रेखा बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की दोनों बड़ी पार्टियां जनता की ताकत जानती हैं। इसलिए घोटाले उजागर होने पर दोनों पार्टियां जनता के बीच जाने की बात करती हैं।
सीबीआई का दुरुपयोग हुआ
अन्ना हजारे ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोयला घोटाले के मामले में सीबीआई की रिपोर्ट को देख कर इसका दुरुपयोग किया है। जबकि हम लंबे समय से कह रहे हैं कि सीबीआई को पूरी तरह से आजाद करना होगा। देश की राजनीति में पार्टी की व्यवस्था से ही घोटाले होने पर नेता एक दूसरे को बचा रहे हैं।