(राजस्थान आवासन मंडल की कुड़ी फ्लैट योजना में आधी-अधूरी)
जोधपुर. राजस्थान आवासन मंडल ने 2010 में कुड़ी में विशिष्ट पंजीकरण योजना के तहत बिना लिफ्ट वाली जी प्लस थ्री इमारतों में 384 फ्लैट तैयार करवाए। इनमें से 282 आवंटियों को फ्लैट का कब्जा दिया। दो सौ परिवार रहने को भी तैयार हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से वे यहां रह नहीं पा रहे। वर्तमान में एक ही परिवार यहां रह रहा है। हालात यह हैं कि पानी जैसी आवश्यक सुविधा भी हाउसिंग बोर्ड नहीं दे पाया है, ऐसे में इस परिवार को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भास्कर ने इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि आवासन मंडल ने एक तो देरी से कब्जा दिया और सबसे बड़ी कमी यह रही कि यहां आधारभूत सुविधाएं ही नहीं हैं, इस कारण लोग यहां रहने नहीं आए। हालांकि बोर्ड ने उपभोक्ता मंच में शपथ पत्र देकर कहा है कि वहां सभी सुविधाएं जुटा दी गई हैं।
कब्जा: ढाई साल की बजाय चार साल में
योजना के तहत ढाई साल में फ्लैट का कब्जा देना था, मगर आवासन मंडल ने चार साल लगा दिए। इससे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। 2010 में जब योजना शुरू हुई तो कहा गया था कि 30 माह में सुविधायुक्त फ्लैट का कब्जा दिया जाएगा, लेकिन पचास माह बाद कब्जा दिया गया।
पैसा: ज्यादा देने पड़े नौ लाख
फ्लैट की मूल कीमत में कई तरह चार्ज जुड़ने से लागत काफी बढ़ गई। भूतल पर फ्लैट की मूल कीमत 13 लाख रुपए थी जिसके आवंटियों को 22 लाख रुपए चुकाने पड़े। इसी तरह प्रथम तल पर 11.90 लाख की बजाय 18.40 लाख, द्वितीय तल पर 11.65 लाख की बजाय 19.81 लाख और तृतीय तल पर 11.10 लाख की बजाय 17.50 लाख वसूले गए।
समस्या: बिजली और सीवरेज भी नहीं
- योजना के तहत पाइप लाइन पूरी तरह नहीं बिछ पाई है। फ्लैट में पानी नहीं आने से पानी के टैंकर ही विकल्प है। ऐसे में लोगों का कहना है कि पानी जैसी सुविधा के बिना कैसे रहें?
- मौके पर न तो पूरी सड़कें बनी हैं और न ही सीवरेज की व्यवस्था। इन खामियों के चलते लोग रहने की स्थिति में नहीं हैं।
- कुड़ी योजना में घोषणा के अनुसार रोड लाइट समय पर उपलब्ध नहीं होने से लोग रहने को तैयार नहीं हैं। फ्लैट में भी बिजली सुविधा नहीं है।
दावा: सारी सुविधाएं दीं
उपभोक्ता मंच में वाद के जवाब में हाउसिंग बोर्ड ने कहा कि आवंटियों को पजेशन के साथ सभी सुविधाएं मुहैया करवा दी गई हैं। बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाएं उपलब्ध करवा दी गई हैं। हाउसिंग बोर्ड ने बिना सुविधाएं उपलब्ध करवाए ही गोलमाल जवाब दे दिया।
बहाना: आचार संहिता से हुआ विलंब
कुड़ी योजना में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं?
कुछ सुविधाओं को तय समय पर उपलब्ध नहीं करवा पाए। काम चल रहा है।
विलंब क्यों हो रहा है?
आवासीय कॉलोनियों में सुविधाएं विकसित करने के बाद ही पजेशन देता है। लेकिन आचार संहिता की वजह से काम पूरा नहीं हो पाया।
अतिरिक्त राशि क्यों ली गई?
प्रत्येक परिवार से 61 हजार रुपए मेंटेनेंस व सफाई की नियमित व्यवस्था बाबत लिए हैं। सोसायटी बनने और रजिस्ट्रेशन होने के बाद प्रावधानों के अनुसार आवंटियों को यह जमा राशि लौटाई जाएगी।
चुनौती: नई योजनाएं कैसे होंगी सफल?
एक अक्टूबर को कुड़ी और विवेक विहार में बनने वाले कुल 786 फ्लैट की लॉटरी निकाली जानी है। उद्यान अपार्टमेंट विस्तार योजना के फ्लैट्स के पजेशन भी दिए जाएंगे। आवंटी भी यदि जागरूक रहे और निर्माण के दौरान अफसरों से मिल कर सुविधाओं के लिए लगातार बात करते रहें तो पजेशन के समय उन्हें असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आगे की स्लाइड में देखें तस्वीर