पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजोधपुर. शहर में चलने वाली 108 एंबुलेंस इन दिनों केवल मरीजों को लाने-ले जाने का साधन मात्र बन चुकी हैं। गंभीर हालत में होने के बावजूद कई घायलों को ऑक्सीजन या अन्य आपातकालीन चिकित्सा सेवा नहीं मिल पाती है और इसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जान तक चली जाती है, जबकि समय रहते चिकित्सा मिलने पर उनकी जान बचने की गुंजाइश रहती है।
इन्हीं तथ्यों के साथ भास्कर में गुरुवार के अंक में प्रकाशित खबर को आधार बनाते हुए 108 आपातकालीन सेवा कर्मचारी एकता यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्रसिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। शेखावत के अनुसार जोधपुर शहर में 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति नाजुक है। बदहाल वाहनों की वजह से यहां हर वक्त एंबुलेंस से हादसा होने की आशंका भी बनी हुई है, लेकिन सेवा प्रदाता कंपनी और स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
खबर छपी तो करने लगे कर्मचारियों को परेशान
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शेखावत ने बताया कि एंबुलेंस के हालात से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रभारी डूंगरसिंह, संभाग प्रभारी मनीष व्यास और स्टेट ऑपरेशन हैड दीपक भारद्वाज स्थानीय एंबुलेंस कर्मचारियों को धमका रहे हैं। एंबुलेंस में खामियों से कंपनी को अवगत करवाने वाले इन कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर जबरन कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए हैं। यूनियन ने कंपनी प्रबंधन के इस रवैये के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इन आरोपों और एंबुलेंस की स्थिति के संबंध में प्रतिक्रिया जानने के लिए जीवीके ईएमआरआई के ऑपरेशन हैड भारद्वाज के मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.